गोंडा। कोतवाली देहात क्षेत्र में जमीन का बैनामा लिखाकर चाचा की हत्या के 14 साल पुराने मामले में कोर्ट ने मृतक की भतीजी व उसके पति दोषी ठहराया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूजा सिंह ने दोषी अभियुक्त बलराम वर्मा व मीना देवी को उम्रकैद व 25-25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माने की आधी राशि वादी मुकदमा को दी जाएगी।
शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने बताया कि धानेपुर के ग्राम बरुईपारा निवासी झगरु वर्मा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया था कि उसके भाई वंशराज की कोई संतान नहीं थी। पत्नी का भी निधन काफी पहले हो गया था। 17 दिसंबर 2010 को उसके एक अन्य भाई रामधीरज के दामाद बलराम वर्मा, उसके पिता राम मिलन व मां मीना देवी निवासी ग्राम मलारी कोतवाली देहात उसके घर आए। वंशराज को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। 11 जनवरी 2011 को पता चला कि वंशराज की मौत हो गई है। बिना सूचित दिए शव जला दिया।
यह भी पता चला कि बलराम वर्मा, राम मिलन व मीना देवी ने 18 दिसंबर 2010 को वंशराज से जबरन उनकी संपत्ति का बैनामा लिखा लिया है। साक्ष्य छिपाने की नीयत से उनकी हत्या कर दी व शव जला दिया। अदालत के आदेश पर पांच अगस्त 2011 को केस दर्ज कर कोतवाली देहात पुलिस ने एक दिन ही विवेचना की और छह अगस्त को अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी।
मुकदमे के दौरान आरोपी राम मिलन की मृत्यु हो गई। साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने बलराम वर्मा व मीना देवी को दोषी करार दिया और बृहस्पतिवार को मामले में निर्णय सुनाया।