गोंडा के डीएम आवास पर पकड़ा गया तेंदुआ। -संवाद
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गोंडा। लंबी कवायद के बाद जिलाधिकारी आवास परिसर में छिपा तेंदुआ मंगलवार को वन विभाग की पकड़ में आ गया। जिलाधिकारी के आवास के जंगल में डेढ़ साल से तेंदुआ छिपा था। दीपावली की रात पटाखों के शोर से परेशान मंगलवार सुबह तेंदुआ फिर बाहर निकला और पहले से लगे पिंजरे में फंस गया। सीसीटीवी में दिखने के बाद वन विभाग की टीम ने कब्जे में ले लिया है।
जिला अधिकारी आवास परिसर में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार दीपावली की रात में खुद जाल में फंस गया और पिंजरे में खुद ही कैद हो गया। दरअसल दीपावली के दिन डीएम आवास परिसर के आसपास पटाखों के शोर के बीच खुद जाल में तेंदुआ फंस गया। मंगलवार की सुबह जाल को देखा गया तो तेंदुआ फंसा दिखा। जिसके बाद जाल को त्रिपाल लगाकर पूरी तरीके से ढक दिया गया है। वन विभाग की टीम तेंदुए को ले जाकर जंगल में छोड़ दिया। बता दें कि डेढ़ साल पहले गोंडा जिला अधिकारी आवास में तेंदुए को जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में देखा गया था।
इसके बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने जाल लगाया था। मगर टीम तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रही। इसके एक साल बाद फिर तेंदुए को सितंबर में डीएम आवास के अंदर जाते हुए सीसीटीवी कैमरे में देखा गया। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने दोबारा से जाल लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन प्रयास असफल रहा। तेंदुए को पकड़ने के लिए डीएम आवास के अंदर जाल लगाया गया था सोमवार देर रात पटाखों के शोर से खुद जाल में तेंदुआ फंसा गया।
प्रभागीय वनाधिकारी आरके त्रिपाठी का कहना है कि यह तेंदुआ कई बार डीएम आवास में कूदकर दीवार पर चढ़ते सीसीटीवी में दिखा। दो माह से कई टीमें गश्त कर रही थी। बीते माह बरेली और कतर्निया घाट से दो एक्सपर्ट बुलाए गए थे, लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं आया। करीब सवा तीन महीने से तेंदुआ सिविल लाइन के रानीपुरवा सिंचाई कॉलोनी, डीएम आवास, बिजली विभाग कॉलोनी तक भ्रमण करता रहा। बताया कि दिवाली में चारों तरफ पटाखों के फोड़े जाने के बाद तेंदुआ डीएम आवास में वनों से आच्छादित क्षेत्र में पहुंचा। विभाग की ओर से चार पिंजरे पहले से लगाए गए थे। तेंदुए के आते ही वन टीम चौकन्ना हो गई और घेर लिया। तेंदुआ पिंजरे की तरफ भागा और पकड़ लिया गया।