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तेंदुए ने दो बच्चों को किया जख्मी

Mon, 11 Jan 2016 11:03 PM IST
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
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 सोहेलवा वन क्षेत्र के करीब बसे गांवों में जंगली जानवरों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार की भोर बनकटवा रेंज के भटपुरवा गांव के मजरा कटकुइयां में तेंदुए ने दो घरों में हमला कर दिया, जिससे दो मासूम घायल हो गए। एक की हालत गंभीर होने पर वन रक्षक ने एंबुलेंस बुलाकर श्रावस्ती जनपद के सीएचसी सिरसिया में भर्ती कराया है।
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गांवों में लगातार हो रहे जंगली जानवरों के हमलों से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है।

बनकटवा रेंज के भटपुरवा गांव के मजरा कटकुइयां निवासी लालजी गौतम ने बताया कि सोमवार की भोर करीब चार बजे घर में सो रही चार वर्षीय पुत्री शीला देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया। बेटी के चिल्लाने पर घर के सदस्यों ने टार्च जलाकर देखा तो तेंदुआ देख वे दंग रह गए। लाठी-डंडा लेकर किसी तरह तेंदुए को घर से भगाया।
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इसके बाद लालजी के घर से निकलकर तेंदुआ घनश्याम यादव के घर में घुस गया और वहां सो रही घनश्याम की दो वर्षीय पुत्री प्रार्थना पर हमला कर दिया, जिससे उसका पैर जख्मी हो गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह तेंदुए को जंगल की तरफ खदेड़ा।

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन रक्षक जमील अहमद ने गंभीर रूप से घायल शीला देवी को एंबुलेंस से श्रावस्ती जनपद के सीएचसी सिरसिया में भर्ती कराया। बनकटवा व बरहवा रेंज की 40 ग्राम पंचायतों में करीब 200 मजरों के लोग लगातार हो रहे तेंदुए के हमले से खौफजदा हैं।

रेंजर पीडी राय ने बताया कि टीम गठित कर घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। टीम को दो दिन के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गांव में लगातार जंगली जानवरों के हमलों से परेशान ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। तेंदुए के हमले से दो बच्चों के घायल होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने वन रक्षक के समक्ष प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण अशोक कुमार, अजय कुमार, पाटेश्वरी प्रसाद, सुखराजी, बड़का, सुशीला, जनकलली, मंझिला व नीता आदि का कहना था कि गांव में कभी तेंदुआ तो कभी हाथियों के झुंड पहुंच जाते हैं और जमकर नुकसान करते हैं।

वन विभाग के लोग ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने में पूरी तरह से असफल हैं। वन रक्षक ने इलाज, सुरक्षा व मुआवजे का भरोसा दिलाकर ग्रामीणों को किसी तरह शांत कराया।
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