बलरामपुर के सोहेलवा जंगल से भटककर एक तेंदुआ जिले की सीमा में दाखिल हो गया है। गुरुवार को तेंदुए ने मरौचा गांव में छह लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। तेंदुए की दहशत से भयभीत लोग घरों में कैद हो गए हैं।
सूचना पर वन विभाग की टीम, पुलिस के साथ मिलकर तेंदुए को पकड़ने की कोशिश में जुट गई है। डीएफओ टी. रंगाराजू ने बताया कि उन्होंने तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने के लिए लखनऊ से टीम बुलाई है।
जिले में बाघ और तेंदुए के आने की अफवाहें तो कई बार उड़ीं, लेकिन ऐसा कोई जानवर न तो वन विभाग के सर्च ऑपरेशन में नजर आया न ही उसके यहां होने के कोई सुराग ही मिले। गुरुवार को मरौचा गांव में एक के बाद एक छह लोगों को घायल करने वाला जानवर तेंदुआ ही है।
इसकी पुष्टि वन विभाग के लोग कर रहे हैं। गुरुवार सुबह रोहित (16), अविनाष मिश्रा (19), चौकीदार शिवबरन (27), अशोक (24), संतोष (15) व एक अन्य व्यक्ति मरौचा गांव के बाहर टहल रहे थे। तभी तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया।
लोगों की चीख-पुकार पर गांव वाले दौड़े तो तेंदुआ झाड़ियों में छिप गया। घायल रोहित, अविनाष, अशोक व संतोष को सीएचसी में प्राथमिक उपचार करने के बाद घर भेज दिया गया। दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची रेहराबाजार वन प्रभाग की टीम के साथ सिविल पुलिस के लोग लगातार निगरानी में जुटे हैं। डीएफओ टी. रंगाराजू के साथ एसडीओ व प्रशासनिक अमले के लोग भी मौके पर डेरा जमाए हैं।
डीएफओ डा.टी.रंगाराजू ने बताया कि ग्रामीणों पर हमला करने वाला जानवर तेंदुआ है। जिसे ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने के लिए लखनऊ से टीम बुलाई गई है। पिंजड़े की भी व्यवस्था की जा रही है।
रात में तेंदुआ किसी तरह की घटना को अंजाम न दे सके, इसके लिए हांके की भी व्यवस्था की गई है। रेहराबाजार वन प्रभाग के साथ सादुल्लाहनगर, टिकरी व अन्य रेजों के वनकर्मी भी लगातार निगरानी में जुटे हुए हैं।