ग्राम पंचायत का विकास कराने व गांव में खुशहाली लाने की ललक ने एक इंजीनियर को इस कदर प्रभावित किया कि वह एक कंपनी में इंजीनियर की नौकरी छोड़ कर गांव आ गया। उन्होंने नौकरी छोड़ने के बाद ग्राम पंचायत चुनाव में हिस्सा लिया और 26 साल की उम्र में प्रधानी का चुनाव जीत कर ग्राम पंचायत राजनीति की नई इबारत लिख दी है।
मनकापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत पंडितपुर निवासी रामकिशोर के पिता भवानी प्रसाद रेलवे में कर्मचारी थे, जिनकी हाल ही में मृत्यु हो गई।
वहीं रामकिशोर ने हरियाणा यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की थी। कुछ दिन बाद रामकिशोर को वहीं की एक कंपनी में बतौर इंजीनियर नौकरी मिल गई।
बेहतरीन नौकरी होने के बावजूद उनका मन अपने गांव व क्षेत्र के विकास को लेकर लालायित रहा। नौकरी में मन नहीं लगा तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी और घर आकर ग्राम पंचायत चुनाव के दंगल में कूद पड़े।
26 वर्षीय युवा रामकिशोर ने पंचायत चुनाव में अपनी ग्राम पंचायत से प्रधान पद की दावेदारी पेश कर लोगों से गांव का विकास कराने के मुद्दे पर समर्थन मांगा।
विकास कार्यों को लेकर परेशान ग्रामवासियों ने रामकिशोर को भारी मतों से जिता दिया। अब रामकिशोर क्षेत्र की ग्राम पंचायत में विकास कराने को लेकर उत्सुक हैं।
रामकिशोर का कहना है कि पंचायती राज व्यवस्था का पूरा लाभ गांव के लोगों को दिलाना ही उनका मकसद है। उन्होंने कहा कि वह बिंदुवार सुविधाओं को पूरा करेंगे।