गोंडा। हापुड़ में वकीलों पर लाठीचार्ज की घटना से जिले के वकीलों में खासा रोष देखने को मिल रहा है। उ.प्र. बार कौंसिल के आह्वान पर सोमवार को वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रशेखर को सौंपा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महराज कुमार श्रीवास्तव व सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार मिश्र की अध्यक्षता में सोमवार को वकीलों ने कचहरी में जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में हापुड़ की घटना की एफआईआर दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी, घायल अधिवक्ताओं के मुफ्त इलाज, उचित मुआवजा और घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्थे वकीलों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज अलोकतांत्रिक व अमानवीय है। घटना के दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी होनी चाहिए। संचालन बार एसोसिएशन के महामंत्री जगन्नाथ प्रसाद शुक्ल व सिविल बार एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री मनीष शुक्ल ने किया। इस मौके पर रवि चंद्र त्रिपाठी, बिंदेश्वरी दूबे, दीनानाथ त्रिपाठी, माधवराज मिश्र, केके मिश्र, संतोषी लाल तिवारी, रीतेश यादव, उमाकांत श्रीवास्तव, राम लक्ष्मण तिवारी, भगौती प्रसाद पांडेय, श्रीकांत पांडेय, दिनेश मौर्य, सुनील पांडेय, मनोज मिश्र समेत सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे।
मनकापुर संवाद
के अनुसार हापुड़ की घटना से आक्रोशित वकीलों ने सोमवार को तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रताप वर्मा व महामंत्री शिवकुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस, जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी राजीव मोहन सक्सेना को सौंपा। इस मौके पर पीएस पांडेय, भानु प्रताप मिश्र, जेपी तिवारी, दिनेश पांडेय, केदारनाथ मिश्र, कनिकराम वर्मा, सज्जन सिंह आदि मौजूद रहे।
तरबगंज संवाद
के अनुसार तहसील में अधिवक्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया और कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में एकजुट वकीलों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। सुरक्षा के मद्देनजर तहसील परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन में एसोसिएशन के मंत्री पवन कुमार सिंह, रवींद्रनाथ पांडेय, अखिलेश्वर शुक्ल, यदुवंश मणि पांडेय, सुरेंद्र सिंह, कैलाशनाथ पांडेय, विनोद पाठक आदि मौजूद रहे।