तरबगंज (गोंडा)। जमीन बैनामे के फर्जीवाड़े को लेकर सदर तहसील का मामला अभी शांत नहीं हुआ। इसी बीच फर्जीवाड़े के खेल को लेकर तरबगंज तहसील सुर्खियों में आ गई है। बंधक खतौनी में तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से नामांतरण का खुलासा हुआ है। ऐती 20 फाइलें मिलीं है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। फर्जीवाड़े के विरोध में अधिवक्ताओं ने सोमवार को एसडीएम कोर्ट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया।
तहसील तरबगंज में एसडीएम के अलावा तहसीलदार, तहसीलदार (न्यायिक) और तीन नायब तहसीलदारों की अदालतों में मुकदमों की सुनवाई होती है। पिछले कई दिनों से फाइलों में फर्जीवाड़े को लेकर चर्चा तेज हो गई। फइलों की जांच हुई तो बंधक खतौनी के बैनामे की दाखिल खारिज की फाइलों में फर्जी हस्ताक्षर से नामांतरण का खुलासा हुआ।
अब तक ऐसे 20 फाइलें में मिली हैं, जिनमें तहसीलदार व नायब तहसीलदार (डिक्सिर) की कोर्ट की फाइलों में फर्जीवाड़ा पाया गया है। अन्य फाइलों की तलाश की जा रही है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओपी सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर एसडीएम कोर्ट पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। प्रदर्शन करने वालों में रवींद्र कुमार पांडेय, पवन कुमार सिंह, सीबी सिंह, दयाशंकर तिवारी, सुरेंद्र प्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, जटाशंकर सिंह, अखिलेश्वर शुक्ला, आशीष पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
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फाइलें खंगाली जा रही
तहसीलदार और एनटी (डिक्सिर) के फर्जी हस्ताक्षर की 20 फाइलें अब तक मिली हैं। अन्य फाइलें भी खंगाली जा रही हैं। पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई है। उनके आदेश के बाद कार्रवाई की जाएगी। शत्रुहन पाठक, एसडीएम (तरबगंज)