गोंडा। चीनी मिल की छत से गिरकर मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्वशासी मेडिकल कॉलेज पहुंचाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, चीनी मिल प्रशासन मृतक को ठेकेदार का आदमी बता रहा है।
कुंदरखी स्थित चीनी मिल में रविवार को अवकाश होता है। इस दौरान मिल की छत पर रिपेयरिंग का काम हो रहा था। मिल प्रशासन का कहना है कि छत रिपेयरिंग के दौरान लखीमपुर खीरी के थाना भीरा के गांव देलतापुर निवासी जसकरन (30) व उसके मामा का बेटा काम कर रहे थे। सुबह 10 बजे जसकरन छत से गिर गया, जिससे उसका सिर फट गया। मिल के एचआर हेड एनके शुक्ल का कहना है कि घायल जसकरन को कंपनी की एंबुलेंस से सीएचसी काजीदेवर ले जाया गया। मिल प्रबंधन के मुताबिक सीएचसी बंद होने के कारण उसे जिला मुख्यालय स्थित स्वशासी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान जसकरन ने दम तोड़ दिया। मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बताया कि जसकरन मैकेनिक का काम करता था। सुबह छत से गिरने से उसकी मौत हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है।
चीनी मिल में अधिकृत आउटसोर्सिंग एजेंसी के अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि यहां 15 कर्मचारी मैकेनिकल मेंटीनेंस में कार्यरत हैं। जसकरन दो महीने से काम कर रहा था। छत पर सेफ्टी बेल्ट बदलते समय गिरने से सिर में गंभीर चोटों से उसकी मौत हुई है। मिल प्रबंधन की मदद के अलावा बीमा और कंपनी की तरफ से अन्य आर्थिक सहायता परिवारीजनों को दी जाएगी।
चीनी मिल प्रबंधन भले ही सीएचसी काजीदेवर बंद होने की बात कह रहा है मगर सीएचसी अधीक्षक का दावा इससे अलग है। अधीक्षक डॉ. आलोक सिंह ने बताया कि रविवार को आरोग्य मेला होने के चलते सुबह नौ बजे से ही अस्पताल खुल गया था। दिनभर में कुल 55 मरीजों का इलाज किया गया।
बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड पीएन सिंह का कहना है कि मृतक जसकरन चीनी मिल का कर्मी नहीं था। वह ठेकेदार अरविंद कुमार की आउटसोर्सिंग एजेंसी के तहत काम करता था। फिर भी चीनी मिल पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी। मिल के अंदर कार्यरत सभी लोगों का बीमा है।