रगड़गंज (गोंडा)। पोर्टिबिलिटी के माध्यम से अपने कार्डधारकों के अतिरिक्त दूसरे दुकानों के कार्डधारकों को राशन बांटने वाले कोटेदारों का राशन फंस गया है। नवंबर से शुरू हुई इस सुविधा का लाभ जिले के 8281 राशन कार्डधारकों ने लिया है। जिसके तहत कोटेदारों ने लाभार्थियों को नवंबर व दिसंबर में 2268 क्विंटल राशन पोर्टिबिलिटी के माध्यम से बांट दिया, लेकिन उन्हें इसका खाद्यान्न नहीं मिल रहा है। खाद्य एवं रसद आयुक्त ने जनवरी से सिर्फ तीन फीसदी अतिरिक्त खाद्यान्न से पोर्टिबिलिटी स्कीम लागू करने के निर्देश दिए हैं जिससे पिछले माह में बांटा गया राशन फंस गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर से ग्रामीण क्षेत्रो में राशन कार्ड पोर्टिबिलिटी योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राशन कार्डधारक अपने उचित दर विक्रेता से अलग भी जिले के किसी भी उचित दर विक्रेता से राशन ले सकता है। इसके लिए आधार के माध्यम से बायोमीट्रिक मिलान की जाती है। ई-पास मशीन में बायोमीट्रिक से मिलान होने पर राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न दे दिया जाता है। जिले में यह स्कीम नवंबर से लागू हुई और पहले दिन ही प्रदेश में गोंडा ने पहला स्थान प्राप्त किया। नवंबर में कुल 8281 राशन कार्डधारकों में 690 अंत्योदय व 7591पात्र गृहस्थी कार्ड धारक ने पोर्टिबिलिटी के माध्यम से दुसरे कोटेदारों से राशन ले लिया। दिसंबर में 15 दिन बीत चुके है इस बार कम लोगों ने इस योजना से राशन लिया।
इस माह में करनैलगंज तहसील में 541, गोंडा में 684, मनकापुर में दो व तरबगंज में सिर्फ 12 राशन कार्ड धारकों ने पोर्टिबिलिटी का इस्तेमाल किया। जिले के कोटेदारों ने दिसंबर में अंत्योदय में 11 क्विंटल गेहूं व आठ क्विंटल 25 किलो चावल और पात्र गृहस्थी में 165 क्विंटल गेहूं व 110 क्विंटल चावल उपभोक्ताओं को दिया वहीं नवंबर में अंत्योदय राशन कार्डधारकों को 138 क्विंटल गेहूं व 103 क्विंटल चावल और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को 1039 क्विंटल गेहूं व 692 क्विंटल चावल मिला। उचित दर विक्रेताओं ने नवंबर व दिसंबर में 2268 क्विंटल खाद्यान्न पोर्टिबिलिटी में बांट दिया, लेकिन कोटेदारों को इस योजना में वितरित खाद्यान्न गोदाम से नहीं मिला।
खाद्य एवं रसद विभाग आयुक्त ने उचित दर विक्रेताओं के क्षेत्र से अतिरिक्त लाभार्थियों को राशन देने के लिए जनवरी माह से तीन फीसदी अतिरिक्त राशन देने के निर्देश संभागीय खाद्य नियंत्रक को दी है जिससे नवंबर व दिसंबर में कोटेदारों द्वारा अपने क्षेत्र से अतिरिक्त बांटे गए राशन मिलना मुश्किल दिख रहा है। जिन राशन कार्डधारकों का अपने उचित दर विक्रेताओं से अच्छा संबंध नहीं था वे दूसरे कोटेदारों से राशन ले लिए लेकिन अब पोर्टिबिलिटी में राशन देकर कोटेदार फंस गये हैं।
राशन का पैसा जमा फिर भी नहीं मिला
जिले के कोटेदारों ने पोर्टिबिलिटी के माध्यम से राशन बांट दिया उसके बाद पूर्ति विभाग ने पोर्टिबिलिटी के माध्यम से बांटे गए अतिरिक्त खाद्यान्न का ई-चालान निकाल दिया। कोटेदारों ने ब्लॉक के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाते में खाद्यान्न के लिए धनराशि जमा कर गोदाम प्रभारियों को दे दिया, लेकिन गोदाम प्रभारियों ने पोर्टिबिलिटी का खाद्यान्न न होने की बात कही। उमरी बेगमगंज के कोटेदार राजेंद्र तिवारी का कहना है कि नवंबर व दिसंबर में अपने दुकान के अलावा सैकड़ों कार्डधारकों को राशन दे दिया है। अब स्टॉक ख़त्म हो गया है, लेकिन गोदाम से पोर्टिबिलिटी का राशन नहीं दिया जा रहा है।
पोर्टिबिलिटी से कार्डधारकों को बांटा गया राशन
माह अंत्योदय पात्र गृहस्थी कुल
नवम्बर 690 7591 8281
दिसंबर 55 1184 1239
पोर्टिबिलिटी में खाद्यान्न न होने की समस्या को किसी कोटेदारों ने लिखित में अवगत नहीं कराया है। जब कोटेदार मशीन व स्टॉक रजिस्टर लेकर आएगा तब देखेंगे। इस समस्या के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। -वीरेंद्र कुमार महान, डीएसओ
पोर्टिबिलिटी स्कीम में नवंबर व दिसंबर का खाद्यान्न विभाग को नहीं मिला है। इसीलिए कोटेदारों को नहीं दिया गया हैं। जनवरी के लिए ब्लॉकवार आवंटन का सिर्फ तीन फीसदी अतिरिक्त खाद्यान्न मिला है। जिन कोटेदारों ने चालान व पैसा गोदाम पर जमा किया है, उसकी जिम्मेदारी पूर्ति विभाग की हैं, आगे जैसा आदेश मिलेगा उसी हिसाब से कार्रवाई की जायेगी। -लाल बहादुर गुप्ता, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी