झंझरी/गोंडा। दत्तनगर विसेन गांव निवासी इंद्रभान सिंह उर्फ छोटू (25) की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गड़ासा बरामद किया है। जांच में पता चला कि बहन से बात करना आरोपियों को नागवार गुजरा। इसी के चलते छोटू की हत्या करके शव प्लास्टिक की बोरी में भरकर फेंक दिया।
एएसपी (पूर्वी) मनोज कुमार रावत ने बताया कि रविवार को महादेवा ओवरब्रिज के पास से नगर कोतवाली के खैराभवानी मंदिर के पीछे रहने वाले अक्षय, मनोज कुमार और संजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। दत्तनगर से करीब एक किलोमीटर दूर गेहूं के खेत में इंद्रभान सिंह उर्फ छोटू का शव मिलने के बाद उनके पिता हीरा सिंह ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें मनोज कुमार व उनके परिजनों को नामजद किया था। एसपी विनीत जायसवाल ने वारदात के खुलासे के लिए एसओजी व सर्विलांस समेत चार टीमें लगाई थीं। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया था। प्लास्टिक की बोरी में शव नहीं आया तो सिर को काटकर धड़ से अलग कर दिया। आरोपियों ने बताया कि छोटू उनकी बहन से बात करते थे। उस पर शादी करने का दबाव बना रहे थे। बार-बार मना करने के बावजूद नहीं माने तो हत्या कर दी।
दोस्ती में आरोपियों के घर था आना-जाना
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि छोटू और आरोपी एकसाथ पेंटिंग का काम करते थे। छोटू का आरोपियों के घर आना-जाना था। इसके चलते आरोपियों की बहन से छोटू की नजदीकी हो गई थी। छोटू अक्सर आरोपियों के सामने ही उनकी बहन से फोन पर बात करते थे। इसी वजह से आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से शराब पिलाने के बाद छोटू की हत्या कर दी।
रोते-रोते पथरा गईं पिता की आंखें, मां हुईं बेसुध
दत्तनगर विसेन गांव निवासी हीरा सिंह के तीन बेटों व चार बेटियों में सबसे छोटे इंद्रभान उर्फ छोटू की हत्या से परिवार में कोहराम मचा है। रोते-रोते हीरा सिंह की आंखें पथरा गईं। कलेजे के टुकड़े की हत्या से मां कमला देवी बेसुध हैं। पिता ने बताया कि 19 जुलाई 2012 को बड़े बेटे की बिजली गिरने से मौत हो गई थी। छोटू ही उनके बुढ़ापे का सहारा था। वह भी दुनिया से चला गया। इतना कहते ही वह फफककर रो पड़े। रिश्तेदारों व परिजनों ने उन्हें संभाला।