नवाबगंज (गोंडा)। नवाबगंज थानाक्षेत्र के लोलपुर गांव के रहने वाले लापता तीनों बच्चों को बस्ती पुलिस ने वाराणसी रेलवे स्टेशन से तलाश निकाला। बृहस्पतिवार को बच्चों ने व्हाट्सएप कॉल करके परिवारवालों को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर होने की सूचना दी।
बस्ती पुलिस शुक्रवार को तीनों बच्चों को वाराणसी से लेकर लौटी। सीओ हरैय्या अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि तीनों बच्चों के अपहरण की सूचना झूठी निकली।
बच्चों ने पूछताछ में बताया कि परिवार के लोग पढ़ाई को लेकर दबाव बनाते थे। तीनों एग्जाम के डर से घर से चले गए थे। शनिवार को तीनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति का बेटा (16) बस्ती के विक्रमजोत में स्थित एक स्कूल में 10वीं का छात्र है। उसी कॉलेज में उसकी चचेरी बहनें 12वीं कक्षा व 11वीं कक्षा की छात्रा हैं।
तीनों बच्चे सोमवार सुबह स्कूल की फेयरवेल पार्टी के लिए घर से निकले थे। स्कूल बस में सवार होकर पहुंचे थे। स्कूल से निकलने के बाद तीनों लापता हो गए थे।
किशोर के पिता ने बस्ती जिले के छावनी थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृहस्पतिवार दोपहर तकरीबन किशोर के पिता की बहन के नंबर पर व्हाट्सएप काॅल करके दोनो किशोरियों ने बात की थी। बताया कि वाराणसी रेलवे स्टेशन पर हैं। टिकट करा लिया है, शुक्रवार सुबह तक अयोध्या पहुंच जाएंगे। इसके बाद छावनी पुलिस की टीम वाराणसी के लिए रवाना हो गई थी।
पहले से थी तैयारी, स्कूल बैग में ले गए थे ड्रेस
सीओ ने बताया कि फेयरवेल पार्टी में जाने से पहले ही तीन बच्चों ने घर से लापता होने की तैयारी कर ली थी। तीनों स्कूल यूनीफार्म पहनकर गए थे। पर साथ ही दो-जोड़ी ड्रेस अलग से अपने-अपने बैग में भी छिपा कर रख लिए थे। कुछ पैसे भी रखे थे। सीओ ने बताया कि किशोर की चचेरी बहनों ने स्कूल में अपनी एक सहेली से तीन सौ रुपये मांगे थे। पर उसने इन्कार कर दिया था। सीओ ने बताया कि छावनी से लेकर विक्रमजोत तक फुटेज चेक कराई गईं तो एक फुटेज में तीनों पैदल सड़क पार करते हुए दिखाई पड़े थे।