झंझरी (गोंडा)। दिल्ली के अलीपुर के दयाल मार्केट में स्थित एक पेंट फैक्टरी में हुए अग्निकांड में गोंडा के दो युवकों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिवार के लोग शव लाने के लिए दिल्ली पहुंच गए थे।
पोस्टमार्टम के बाद पिता और भाई एंबुलेंस से शव लेकर गोंडा के लिए शाम सात बजे वहां से निकले हैं। शनिवार दोपहर तक पैतृक गांव टेढ़वा पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, गोड़ियनपुरवा निवासी शुभम के शव का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार दिल्ली में ही कर दिया गया। उनके परिजन अलीपुर में ही रहते हैं।
कोतवाली देहात क्षेत्र के टेढ़वा दुल्लापुर तरहर गांव के बृजकिशोर (19) पुत्र देवता प्रसाद की दिल्ली के अलीपुर के दयाल मार्केट में स्थित एक पेंट फैक्टरी में हुए अग्निकांड में मौत की खबर घर पहुंची तो बूढ़ी मां गीता देवी बेहोश हो गईं।
घर के बाहर खड़े बाबूराम, खुनखुन, अमित, आशीष कुमार, मोहन, संदीप, राजू, भोलेशंकर, रामराज व राजकुमार ने बताया कि बृजकिशोर के संग गांव के आशाराम व साजन भी पास की एक फैक्टरी में काम करते थे। अग्निकांड की सूचना पर दोनों भागकर दोनाें वहां पहुंचे थे।
पर तब तक बृजकिशोर की मौत हो चुकी थी। आशाराम के मुताबिक, बृजकिशोर पेंट फैक्टरी में साढ़े आठ हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करता था।
तीन भाइयों में मंझला था बृजकिशोर
देवता प्रसाद के तीन बेटों सबसे बड़ा राजकिशोर व सबसे छोटा मोहन व मंझला बृजकिशोर था। देवता प्रसाद के साथ गांव में रहकर राजकिशोर व मोहन मजदूरी करते थे, जबकि बृजकिशोर दिल्ली में एक पेंट फैक्टरी में काम करता था। इससे परिवार का खर्च चलता था। देवताप्रसाद बताते हैं कि पूरे परिवार में बृजकिशोर सबसे समझदार था। उसकी मौत से वह टूट गए हैं।