गोंडा। बालिका के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के आठ साल पुराने मामले में न्यायालय ने सोमवार को दोषी को 14 साल के कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक अनूप प्रताप सिंह ने बताया कि तरबगंज के एक व्यक्ति ने कोतवाली नगर में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें कहा कि उसकी 12 साल की लड़की रात में 10 बजे घर के चैनल का ताला तोड़कर कहीं चली गई। सुबह पता चला कि उसका पड़ोसी होली भी गायब है।
10 दिसंबर 2014 को आरोपी होली व चार अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की। पुलिस ने बालिका के अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के अपराध का पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर होली निवासी मंशापुरी खैरा भवानी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान पुख्ता साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने होली को दोषसिद्ध किया। सोमवार को निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जितेंद्र गुप्ता ने होली को 14 साल का सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।