गोंडा। बिना डिग्री के क्लीनिक व बगैर लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चला रहे झोलाछाप की जमानत याचिका शनिवार को न्यायालय ने खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) बसंत कुमार शुक्ल ने बताया कि पीएचसी रुपईडीह खरगूपुर के अधीक्षक डॉ. अजय यादव ने 31 अक्तूबर 2022 को खरगूपुर थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि खरगूपुर के विशुनापुर बाजार निवासी डॉ. अजमल के क्लीनिक व मेडिकल स्टोर पर चेकिंग में तमाम प्रतिबंधित दवाएं व इंजेक्शन मिले। मौके पर न तो चिकित्सक का पंजीकरण प्रमाण पत्र मिला और न ही मेडिकल स्टोर चलाने का लाइसेंस। कथित डाॅक्टर ने पूर्व में क्षेत्र की ही एक विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। मामले में अजमल के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत केस दर्ज कर खरगूपुर पुलिस ने विवेचना की और न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान शनिवार को अपराध की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोपी अजमल का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।