गोंडा। कांवड़ियों की भीड़ से रविवार को करीब 50 किलोमीटर तक सड़क केसरिया रंग में रंगी नजर आई। करनैलगंज से पहाड़ापुर, कटरा बाजार, शांतिनगर, रामापुर, कौड़िया बाजार, आर्यनगर के रास्ते कांवड़िए बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध हो गए। कांवड़ियों की सेवा के लिए पूरे रास्ते में 500 से अधिक सेवा शिविर व खानपान के शिविर लगाए गए।
कांवड़ियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए जनरेटर से बिजली आपूर्ति कर दूर-दूर तक रोशनी का इंतजाम किया गया। हर प्रमुख चौराहे व मोड़ पर पुलिस व पीएसी के जवान और होमगार्ड मुस्तैद रहे। वहीं, मेडिकल टीम, एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीम भी लगातार भ्रमण करती रही।
करनैलगंज क्षेत्र में बालपुर तक दो एएसपी, दो सीओ, आठ इंस्पेक्टर, 56 उपनिरीक्षक, 300 हेड कांस्टेबिल एवं कांस्टेबिल, 80 महिला आरक्षी एवं दो प्लाटून पीएसी के साथ-साथ पीएसी की बाढ़ इकाई की एक प्लाटून सरयू घाट पर लगाई गई है। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस के 10 जवान तैनात किए गए।
सरयू में स्नान करते समय कोई अनहोनी न हो, इसके लिए नदी में कई नावें लगाई गई थीं। घाट पर बैरिकेडिंग बैरीकेडिंग कराई गई थी। पीएसी के जवानों व एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया था। कांवड़ियों के हुजूम को देखते हुए अधिकारी पुलिस टीम के साथ बोट पर बैठकर सुरक्षा का जायजा लेते नजर आए।
खरगूपुर संवाद के मुताबिक पौराणिक पृथ्वीनाथ मंदिर में हरितालिका तीज पर लाखों कांवड़िए सोमवार को जलाभिषेक करेंगे। यहां सड़क, पेयजल, सफाई, प्रकाश के साथ ही सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था प्रशासन ने पूरी कर ली है। पृथ्वीनाथ मंदिर में विशाल मेला लगेगा। इटियाथोक के ग्राम तिर्रेमनोरमा स्थित रामजानकी मंदिर, परसिया गूदर के चितेश्वरनाथ मंदिर, बेलवा करमडीह के सदाशिव मंदिर, करुवापारा के बागेश्वर नाथ मंदिर में भी कांवड़िए जलाभिषेक करेंगे। इसके अलावा दीनदयाल शोध संस्थान जयप्रभाग्राम के पंचमुखी महादेव मंदिर में भी श्रद्धालु उमड़ेंगे। यहां भी मेले का आयोजन होगा।
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन द्वारा कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए गोंडा से बुढ़वल जंक्शन के बीच ट्रेनों की स्पीड कम करके संचालन किया गया। हालांकि इस दौरान कुछ कांवड़िए चेन पुलिंग कर ट्रेन से उतरते और रेलवे ट्रैक पर चलते नजर आए।
परसपुर संवाद के मुताबिक कांवड़ियों ने भौरीगंज पहुंचकर सरयू में स्नान कर जल भरा। यहां सुरक्षा का व्यापक बंदोबस्त किया गया था। गगनभेदी जयकारे लगाते हुए शिवभक्त भौरीगंज, परसपुर, करनैलगंज, बालपुर व रगड़गंज आदि मार्गों पर नजर आए।