फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: जबरनगर रिंग बांध कटा, कई गांवों में बाढ़

Tue, 17 Sep 2024 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। नेपाल से लगातार छोड़े जा रहे पानी से सरयू नदी उफान पर है। खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के बाद नदी का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि सोमवार सुबह दस बजे नदी खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर ही बह रही थी। जलस्तर में गिरावट से कटान भी शुरू हो गया है। तरबगंज तहसील क्षेत्र में ऐली-परसौली से परास तक क्षेत्र पंचायत से बनाया गया रिंग बांध सोमवार को ग्राम पंचायत गढ़ी और जबरनगर की सीमा पर कटकर नदी में समा गया। इससे कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। ढेमवा मार्ग को जोड़ने वाली एक सड़क भी बह गई है।
विज्ञापन

करनैलगंज में भिखारीपुर-सकरौर व एलगिन-चरसड़ी तटबंध पर कटान का खतरा बढ़ गया है। बेलसर के गढ़ी व जबरनगर सीमा पर रिंग बांध के कट जाने से गढ़ी डीहा सहित करीब आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गईं। तरबगंज इलाके के दो दर्जन से अधिक गांवों में चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। बाढ़ की स्थिति से लोग अपनी गृहस्थी का सामान लेकर सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन करने लगे हैं।
उमरी बेगमगंज क्षेत्र के छह पंचायतों के 63 गावों की करीब 13,500 आबादी बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। आवागमन के लिए पांच गांवों में 60 नाव लगाई गईं हैं। लोग अपनी गृहस्थी व मवेशियों को लेकर सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन करने लगे हैं। ऐली-परसोली के 30 गावों की करीब 4000 आबादी, गढ़ी के 11 गांवों की 3000, जबरनगर के पांच गांवों की 2000, परास मझवार में पांच गांवों की लगभग 2500 आबादी और बहादुरपुर के नौ गांवों की करीब दो हजार की आबादी पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में है।
विज्ञापन

पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। बाढ़ चौकी ऐली-परसौली पर पीड़ित परिवारों के लिए भोजन बनना शुरू हो चुका है। अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, एसडीएम तरबगंज विशाल कुमार, जिला आपदा अधिकारी राजेश श्रीवास्तव सहित प्रशासनिक टीम ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ केंद्र पर सहायक चकबंदी अधिकारी श्रीकांत गौड़, बेलसर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सतपाल सोनकर, लेखपाल अंकित कुमार, पंकज सैनी, प्रधान प्रतिनिधि मनीराम यादव आदि कैंप रहे हैं। उधर करनैलगंज तहसील के बहुवनमदार माझा के साथ ही नकहरा गांव में बाढ़ की स्थिति बन गई है।

विश्नोहरपुर (गोंडा)। नवाबगंज क्षेत्र में बाढ़ से तीन दिन में दर्जनभर गांव के लोग पलायन को मजबूर हो गए हैं। ब्यौंदा माझा, उपरहर, दत्तनगर, साकीपुर, गोकुला, तुलसीपुर, इंदरपुर, नकाहरा, चौखड़िया, महंगूपुर, जैतपुर, मल्लहनपुरवा, माझाराठ, दुर्गागंज आदि गांव बाढ़ से घिर गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की कई सड़कें कट गई हैं। मरी माता मंदिर से नगरिया को जाने वाली सड़क लगभग 50 मीटर तक, जिवरक्खनपुरवा की सड़क 20 मीटर, पंचायत भवन से डीहा तक जाने वाला मार्ग 10 मीटर और ढेमवा पुल जाने वाला बाईपास मार्ग रामफेर पुरवा में 15 मीटर कट गया है। रामफेर के खेत के पास पुलिया तेज बहाव में कट गई है। दत्तनगर के मजहन पुरवा निवासी दुखी मवेशियों के साथ सड़क पर रहने को विवश हैं। घर में पानी भरने से नीलम, सेहरा, ज्योति, नन्हा, कलावती बच्चों के साथ सड़क पर ही निवास कर रही हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजाराम यादव ने बताया कि मजहन पुरवा, चहलावा, पाड़ी व बाड़ी गांव के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें