गोंडा। कटरा बाजार विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों में मनरेगा से गो आश्रय केंद्रों के निर्माण में 1.34 करोड़ रुपये से अधिक के अनियमित व्यय का मामला सामने आया है। प्रकरण में तत्कालीन ग्राम प्रधानों, सचिवों और तकनीकी सहायकों से वसूली प्रस्तावित की गई है। डीएम प्रियंका निरंजन ने संबंधित लोगों को 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
सेहरिया कलां में वित्तीय वर्ष 2018-19 में गो आश्रय केंद्र से जुड़े चार कार्यों में 28,37,187 रुपये की अनियमितता बताई गई है। तत्कालीन प्रधान अशोक कुमार सिंह, सचिव पवन कुमार गुप्ता और तकनीकी सहायक वाईएन दूबे से वसूली की जाएगी। प्रत्येक से 9,45,729 रुपये की वसूली प्रस्तावित है। नदावां में नौ कार्यों में 69,78,507 रुपये का अनियमित व्यय सामने आया है। तत्कालीन प्रधान नीलम तिवारी, सचिव बृजेश कुमार तिवारी और तकनीकी सहायक अजय कुमार पांडेय से वसूली प्रस्तावित की गई है। प्रत्येक से 23,26,169 रुपये की वसूली होगी।
कटुआ नाला में दो कार्यों में 13,47,304 रुपये की अनियमितता मिली है। तत्कालीन प्रधान जहूरा, सचिव पवन कुमार गुप्ता और तकनीकी सहायक योगेंद्र नाथ दूबे से वसूली प्रस्तावित की गई है। प्रत्येक से 4,49,102 रुपये की वसूली होगी।
महापारा में चार कार्यों में 22,43,976 रुपये का अनियमित व्यय दर्ज किया गया है। तत्कालीन प्रधान बिट्टू देवी, सचिव बृजेश कुमार तिवारी और तकनीकी सहायक विपिन कुमार मिश्र से वसूली की तैयारी है। प्रत्येक से 7,47,992 रुपये की वसूली की जाएगी।
इस मामले में संबंधित लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। निर्धारित अवधि में मिलने वाले स्पष्टीकरण की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी डीपीआरओ जीडी जैन ने बताया कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उत्तर प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम की धारा 27 के तहत अधिभार आदेश जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।