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वजीरगंज में करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले की फिर शुरू हुई जांच

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गोंडा के वजीरगंज के बंधवा में कालाबाजारी के लिए रखे अनाज की जांच करते अधिकारी (फाइल फोटो) - फोटो : GONDA
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गोंडा। वजीरगंज के बंधवा गोदाम से करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दो साल बाद मामले की जांच अब सीबीसीआईडी ने शासन के आदेश पर शुरू कर दी है। वर्ष 2018 में घोटाले के उजागर होने पर मुख्यमंत्री ने तत्कालीन जिलाधिकारी जेबी सिंह, डिप्टी आरएमओ अजय विक्रम सिंह, डीएसओ राजीव कुमार, पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार को निलम्बित कर दिया था। मामले में वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ और जांच क्राइम ब्रांच ने शुरू की। क्राइम ब्रांच की जांच में खाद्यान्न व्यापारी समेत गोदाम प्रभारी व एक स्थानीय व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हुई। फिर भी जांच में कई सवाल हल नहीं हो पाए थे। ऐसे में अब प्रदेश शासन ने जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी है और जांच भी शुरू हो गई है।
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वजीरगंज के बंधवा स्थित खाद्यान्न गोदाम की जांच वर्ष 2018 में हुई तो करीब 5600 बोरी खाद्यान्न गायब मिला था। वहां पर एक ट्रक भी मिला था जिस पर खाद्यान्न लादा जा रहा था। 5600 बोरी तो खाली मिली थी और मौके से 2663 बोरी चावल व 79059 बोरी गेहूं मिला था। इसमें करीब 5600 बोरी खाद्यान्न के कालाबाजारी की पुष्टि हुई थी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्कालीन जिलाधिकारी समेत चार अफसरों को निलम्बित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके वजीरगंज के पवन सिंह, दद्दन, रानी बाजार के गल्ला व्यवसायी धर्मप्रकाश, मार्केटिंग इंस्पेक्टर संजय आदि के विरूद्व कार्रवाई किया और गिरफ्तारी की। गल्ला व्यवसाया धर्मप्रकाश पर रासुका के तहत भी कार्रवाई की। इसके बाद भी घोटाले से जुड़े सभी सवालों को हल नहीं किया जा सका। क्राइम ब्रांच की जांच में घोटाले की पुष्टि हुई, लेकिन जिस तरह का खुलासा होना चाहिए था, नहीं हुआ। अब मामले की जांच सीबीसीआईडी ने शुरू कर दिया है और आपूर्ति विभाग के कुछ अधिकारियों ने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं।
जांच शुरू सीबीसीआईडी ने बयान के लिए किया तलब
खाद्यान्न घोटाले की जांच शुरू करते हुुए सीबीसीआईडी ने आपूर्ति विभाग के कर्मियों को तलब किया है। बयान के लिए पूर्ति निरीक्षक महेश प्रसाद, तरबगंज के तत्कालीन तहसीलदार श्याम कुमार, जिला खाद्या विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह, तत्कालीन जिलापूर्ति अधिकारी राजीव कुमार, पूर्व डिस्पैच प्रभारी पूर्ति निरीक्षक अभय श्रीवास्तव, पूर्ति निरीक्षक तरबगंज अतुल श्रीवास्तव, दिनेश कुमार वर्मा, राजस्व निरीक्षक योगेन्द्र सिंह, पूर्ति लिपिक चन्द्र प्रकाश को बयान के लिए सीबीसीआईडी ने बुलाया है। इनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने बयान भी दे दिया है।
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जांच में सहयोग का दिया निर्देश
वजीरगंज के खाद्यान्न गड़बड़ी मामले की जांच अब सीबीसीआईडी कर रही है। जांच में सहयोग के लिए निर्देश दिया गया है। पहले क्राइम ब्रांच ने जांच की थी। -वीके महान, डीएसओ
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