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फर्जीवाड़े की आशंका में 1000 पीआरडी जवानों की जांच

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गोंडा। शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के मामले सामने आने के बाद अब कई अन्य विभाग भी सतर्क हो गए हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने पीआरडी जवानों की नियुक्ति और अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। करीब एक हजार पीआरडी जवानों के अभिलेखों की पड़ताल कराई जा रही है और उनकी स्क्रीनिंग हो रही है। जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने इसके लिए विभाग में एक बीओ (ब्लॉक समन्वयक) को जिम्मेदारी सौंपी है। बताया जा रहा है कि कई मामलों में भिन्नता मिलने पर सत्यापन की कार्रवाई भी हो रही है।
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पीआरडी जवानों की ड्यूटी विभिन्न विभागों के साथ ही अधिकारियों के साथ भी लगाई जाती है। जिसमें करीब 188 पद ड्यूटी के स्वीकृत हैं। रोस्टर से जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है और उन्हें तय भत्ता दिया जाता है। इसके लिए विभिन्न सालों में एक हजार से अधिक पीआरडी जवानों की नियुक्ति विभाग में की गई है। कई नियुक्तियां जुगाड़ से होने की संभावना है, माना जा रहा है कि कई पीआरडी जवान हैं जो नियुक्त तो हैं लेकिन कभी ड्यूटी भी नहीं किए। वहीं कई 60 साल की आयु पूरी करके भी विभाग में बने हुए हैं।
अब विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और हर पीआरडी जवान के बारे में पूरी जानकारी जुटा रहा है। उनके अभिलेखों का मिलान करने के साथ ही प्रशिक्षणों में प्रतिभाग करने के बारे में पता किया जा रहा है। नियुक्ति के समय आवेदन मे दी गई जानकारी और मौजूदा समय में अभिलेखों में अंतर आदि के बारे में पता किया जा रहा है। फिलहाल अभी मामलों की जांच हो रही है कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है। लेकिन एक दर्जन से अधिक मामलों में संदेह है जिसके सत्यापन कराए जा रहे हैं।
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जवानों के बिना वर्दी में कार्यालय आने पर रोक
पीआरडी जवान अब पीआरडी कार्यालय में बिना वर्दी के नही जा सकेंगे। विभाग ने इस पर रोक लगा दिया। जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी का कहना है कि बिना वर्दी के कार्यालय आने से दिक्कत होती है और अनुशासन प्रभावित होता है। ऐसे में जवान अपने कार्यालय वर्दी में ही आएं। इससे यह भी पता हो जाता है कि वे पीआरडी जवान हैं और विभाग का अनुशासन बना रहता है।
पीआरडी जवानों के अभिलेखों की जांच सतर्कता के चलते किया जा रहा है। कई विभागों में फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बाद यह कदम उठाया गया है। -प्रदीप कुमार त्रिपाठी, जिला युवा कल्याण अधिकारी
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