गोंडा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनजोत में जन्म प्रमाणपत्रों के रिकॉर्ड में अंतर के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। सीआरएस पोर्टल पर फर्जी आईडी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इनके जरिये कितने जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए। साथ ही इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनजोत से जुड़े बभनजोत और सैदापुर पीएचसी नाम से सीआरएस पोर्टल पर आईडी जनरेट मिली है, जबकि इस नाम से कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में जन्मे बच्चों के सीएचसी से प्रमाणपत्र जारी होने का मामला सामने आने के बाद संबंधित रिकॉर्ड और प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2016 से पहले भावपुर उपकेंद्र और सीएचसी से जारी हस्तलिखित जन्म प्रमाणपत्रों को भी ऑनलाइन किया गया है। अब इन प्रमाणपत्रों के रिकॉर्ड, आईडी और उन्हें ऑनलाइन करने की प्रक्रिया का मिलान कराया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि दो सदस्यीय टीम मामले की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।