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गोंडा: बिना जमीन और निवेश के लटकेंगे प्रस्ताव

Wed, 15 Feb 2023 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। जिले में इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेशकों की ओर से प्रस्ताव देने की होड़ मची। इस दौरान 120 निवेशकों ने 4800 करोड़ के प्रस्ताव दे दिया। लेकिन इसमें 31 निवेशक ऐसे हैं जिनके पास न तो जमीन है और न ही निवेश की क्षमता ही है। उनको नाबार्ड या आजीविका मिशन से जोड़ने की संभावना कम है। इधर, निवेशकों के 4800 करोड़ के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए विभागों से उद्योग विभाग समन्वय बनाने का कवायद कर रहा है। उद्योग विभाग का दावा है कि प्रशासनिक स्तर से किसी का कार्य नहीं रुकेगा। एक- एक निवेशक से संपर्क करने और प्रस्तावों के आधार पर उद्यम को स्थापित करने का प्रयास करने का खाका खींचा गया है।
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जमीन न होने व निवेश क्षमता पर उपायुक्त उद्योग राम मिलन का कहते हैं कि अभी औद्योगिक नीति जारी नहीं हुई है। जिन निवेशकों ने प्रस्ताव दिए हैं, अभी उनको प्रमाण पत्र दिया गया है। हर माह में दो बार बैठक करके ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा, जिनके पास कोई व्यवस्था नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि करीब 31 निवेशक ऐसे हैं, जिन्होंने होड़ में प्रस्ताव आनलाइन किया है। कहा कि बैंक से बिना जमीन व निवेश के हैसियत के ऋण स्वीकृत होना संभव नहीं है। बताया कि प्रस्तावों का परीक्षण किया जाना है, फिलहाल नीति का भी इंतजार किया जा रहा है।
नाबार्ड व आजीविका मिशन निवेशकों का बनेंगे सहारा
फिलहाल कई प्रस्ताव ऐसे हैं तो धरातल पर उतरने में सक्षम हैं, उन्हें प्राथमिकता पर लेकर कार्य किया जा रहा है। जिले में होटल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना में तो कोई दिक्कत नहीं है। गोट फार्मिंग के 19 प्रस्तावों में अधिकतर के पास आर्थिक दिक्कत हैं, इनकों पशुपालन विभाग से समन्वय बनाने की तैयारी है। साथ ही अन्य योजनाओं से जोड़कर निवेशकों को सहायता दी जानी है। कृषि क्षेत्र के आए एक प्रस्ताव में नाबार्ड से मदद दिलाने की योजना है।
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माना जा रहा है कि निवेशकों का उत्साह किसी तरह से कम न होने पाए, इसके लिए विशेष पहल करनी होगी। इतना ही नहीं सहकारिता क्षेत्र के दो प्रस्तावों को भी नाबार्ड व विभाग से जोड़ा जाना है। उद्यान विभाग की योजनाओं पर भी मंथन हो रहा है, जिससे उद्यान से जुड़े निवेशकों को कोई दिक्कत न हो। आजीविका मिशन में ही नवाबगंज की सशक्त महिला स्वयं सहायता समूह ने आचार उद्योग के लिए कदम बढ़ाया। लखनऊ में हुई समिट में उनके उत्पाद की सराहना हुई है।

अजीविका मिशन से नीलांबुज कहते हैं कि निवेशकों की रह संभव मदद होगी और उद्यम विकास के लिए तय नियमों में सहायता दिलाई जाएगी। रेशम उद्योग के लिए कृषि विज्ञान केंद्र गोपाल ग्राम भी सहयोग कर रहा है। कृषि वैज्ञानिक संत शरण त्रिपाठी कहते हैं कि कृषि क्षेत्र के विकास में हर संभव सहायता दी जा रही है। इस तरह निवेशकों को माहौल देने के साथ ही विभाग मदद करने की तैयारी कर रहे हैं।

इनसेट
डेयरी व पशुपालन में होड़
- इन्वेस्टर्स समिट में बड़े निवेश के साथ ही लघु उद्योग के लिए भी लोग आगे आए हैं। लद्यु उद्योग क्षेत्र में 44 निवेशकों ने 487 कोड़ 20 लाख के निवेश का प्रस्ताव दिया है। वहीं पशुपालन में 33 करोड़ के 30 प्रस्ताव मिले हैं। इसके अलावा डेयरी उद्योग के लिए भी 13 निवेशकों ने 1141 करोड़ के प्रस्ताव दिए हैं। कृषि क्षेत्र में एक प्रस्ताव 22 करोड़ का तो उद्याेग से जुड़े 10 प्रस्ताव आए हैं। कोल्ड स्टोर व कृषि व्यापार से जुड़े दो प्रस्ताव 1427 करोड़ के हैं। इसी तरह चिकित्सा शिक्षा के पांच प्रस्ताव करीब 65 करोड़ के हैं।

इनसेट
इनसेट इन्वेस्टर्स समिट पर एक नजर
निवेशक- 120
निवेश - 4799.71 करोड़
तय सेक्टर- 15
रोजगार- 14376

निवेशकों में उत्साह है, उनको हर संभव सहायता मिलेगी। उद्यम स्थापित होने से जिले के विकास के साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उद्यमियों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित की जाएंगी।
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डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी
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