गोंडा। जिला अस्पताल में खून की खरीद फरोख्त करने के मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। बीते शुक्रवार शाम जिला अस्पताल परिसर में खून की खरीद फरोख्त को लेकर विवाद का वीडियो सामने आया था। जिसमें एक कर्मचारी पर आरोप लगाया जा रहा था कि उसने खून दिलाने के नाम पर दस हजार रुपये लिए तथा खून नहीं दिला पाया।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इंदुबाला ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता को सौंपी।
नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि हर एक बिंदु पर जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। पता लगाया जाएगा कि यदि कर्मचारी ने पैसे लिए तो वह खून कहां से दिलाता। खून खरीद फरोख्त के मामले में किन लोगों की संलिप्तता है, इसका पता लगाया जाएगा।