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17 सालों में 45 इंटर कालेजों में भर्ती घोटाले की होगी पड़ताल

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गोंडा। बेसिक शिक्षा में शिक्षक भर्तियों में फर्जीवाड़े की जांच के बाद अब माध्यमिक शिक्षा में भर्ती घोटाला खंगाला जाएगा। बीते 17 सालों में प्रदेश के सभी जिलों में मिलाकर 40 हजार नियुक्तियां हुईं हैं। शासन ने सतर्कता अधिष्ठान, अयोध्या को पूरे प्रदेश में साल 2003 से 2020 तक हुईं 40 हजार नियुक्तियों की जांच करने के आदेश दिए हैं। जिनमें गोंडा के 45 सहायता प्राप्त इंटर कालेज हैं, जहां हुईं नियुक्तियों की अब जांच होगी। सतर्कता अधिष्ठान ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से नियुक्तियों से सबंधित रिपोर्ट मांगी है। इससे विभाग में खलबली मची है। जिले के नौ इंटर कालेजों में हुईं 42 नियुक्तियों के फर्जीवाड़े की जांच पहले से ईओडब्ल्यू कर रही है। सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या की ओर से जांच शुरू होने से बड़े- बड़ों में बेचैनी बढ़ गई है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले में 45 इंटर कालेजों को सहायता दी जा रही है। इन कालेजों में नियुक्त शिक्षकों, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को विभाग से सरकारी वेतन दिया जाता है। इन इंटर कालेजों का संचालन निजी प्रबंधन से किया जाता है और भर्तियों में बड़े स्तर पर अनियमितता भी सामने आती है। साल 2016- 2017 में नौ इंटर कालेजों में 42 शिक्षकों की नियुक्तियों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने पर शासन ने ईओडब्ल्यू जांच के आदेश दिए थे। जांच शुरू भी हुई लेकिन, अभी जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसी दौरान प्रदेश भर के सहायता प्राप्त इंटर कालेजों में 40 हजार से अधिक शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्तियों में अनियमितता पर शासन ने जांच के आदेश दिए हैँ। अब इसकी जांच सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या की टीम कर रही है। इसमें जिले के भी 45 इंटर कालेजों में हुईं नियुक्तियां जांच के दायरे में हैं। सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या के पुलिस अधीक्षक ने विभाग से रिपोर्ट मांगी है। जिससे जांच आगे बढ़ाया जा सके, अब विभाग में पत्रावलियां खंगाली जा रहीं हैं। वहीं कालेजों के प्रबंधन में जांच तेज होने से खलबली मची है। (संवाद)
कॉलेजों के प्रबंधन के साथ अफसर हैं जिम्मेदार
इंटर कालेजों में भर्तियों में अनियमितता में प्रबंधन के साथ ही अफसर भी जिम्मेदार हैं। साल 2016- 17 में हुईं भर्तियों में तत्कालीन डीआईओएस राम खेलावन वर्मा के विरूद्ध कार्रवाई हुई थी। वहीं भर्ती की जांच ईओडब्ल्यु कर रही है। स्कूलों के प्रबंधन की जिम्मेदारी मौजूदा डीआईओएस ने तय करके कार्रवाई की थी। वहां के प्रबंधकों को हटाने की संस्तुति की थी, अभी शासन स्तर से प्रबंधकों को नहीं हटाया गया है। अभी ईओडब्ल्यु की जांच भी पूरी नहीं हो सकी है। इससे 42 शिक्षकों व कर्मियों के नियुक्तियों का मामला जांच में ही उलझा है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो अब जांच पूरी होने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी।
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इंटर कालेजों में नियुक्तियों की जांच हो रही है, नौ प्रबंधकों को हटाने की संस्तुति भी पूर्व में की जा चुकी है। ईओडब्ल्यु अधिष्ठान के बारे में अभी जानकारी नहीं है, अभिलेख मांगे जाने पर उपलब्ध कराए जाएंगे। राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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