फोटो-12-गोंडा के मुजेहना में पीड़ित का बयान लेने के बाद लौटती अधिकारियों की टीम। -संवाद
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गोंडा। नवजात की मौत व ओंठ कुतरे जाने के मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय नई टीम ने मुजेहना सीएचसी जाकर जांच शुरू की। टीम ने शनिवार को सीएचसी अधीक्षक समेत स्वास्थ्यकर्मियों का बयान दर्ज किया। कुछ जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। टीम ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनका भी बयान दर्ज किया।
मुजेहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 27 अगस्त रात एक गर्भवती को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। उसी रात गर्भवती ने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बच्चे की हालत गंभीर बताकर वार्मर पर रखने का सुझाव दिया। आरोप था कि स्वास्थ्य कर्मियों ने सुबह बच्चे को मृत बताकर शव दिया, जिसके चेहरे पर किसी जानवर के कुतरे जाने का निशान तथा शव लहूलुहान था। बच्चे का चेहरा कुतरा देख परिजनों से सीएचसी पर हंगामा करने हुए अज्ञात स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके जवाब में महिला स्वास्थ्य कर्मी की ओर से पत्रकार के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना के दिन मामले की जांच कर रही सीडीओ व सीएमओ की अगुवाई में टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट देकर नवजात के मृत पैदा होने तथा रात में ही परिजनों को सौंप देने की बात कही। सीएमओ ने नवजात को प्री मेच्योर बताते हुए जन्म से पहले मौत हो जाने की बात कही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने की बात सामने आई। गर्भवती के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में 28 सप्ताह एक दिन के गर्भावस्था की पुष्टि हुई।
इधर, जांच टीम की रिपोर्ट तथा पोस्टमार्टम व अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भिन्नता को देखते हुए डिप्टी सीएम ने सीडीओ, अपर पुलिस अधीक्षक तथा अपर जिलाधिकारी की अगुवाई में नई जांच टीम बनाकर जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। शनिवार की सुबह दस बजे सीडीओ गौरव कुमार, अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी व अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने शनिवार को सीएचसी पर पहुंचकर अधीक्षक डॉ. सुमन मिश्रा से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद पुलिस से शिकायत संबंधी अभिलेख थाने से मंगवाए गए। टीम ने अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का बयान दर्ज कर कुछ जरूरी अभिलेख जुटाए।
टीम ने ग्राम पंचायत रुद्रगढ़ में पहुंचकर पीड़ित परिवार से भी जानकारी लेते हुए उनका बयान दर्ज किया। टीम के साथ जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम रहे।