गोंडा। राजनीतिक हैंडबिल व पंफलेट छापने पर प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को अब उसकी संख्या व पता की जानकारी देनी होगी। आचार संहिता लगने के बाद पार्टी व अधिसूचना जारी होने के बाद प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा। चुनाव के दौरान कोई भी प्रत्याशी 95 लाख रुपये से अधिक नहीं खर्च कर पाएगा। डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की है।
डीएम नेहा शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि समाचार पत्रों में छपने वाली खबरों पर नजर रखी जाए। यही नहीं, आचार संहिता उल्लंघन को लेकर सोशल मीडिया की निगरानी हो। सभी प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को छपने वाले राजनीतिक हैंडबिल और पंफलेट की संख्या व पता रखने के साथ ही प्रशासन को मुहैया कराने के लिए कहा गया है। एमसीएसपी कमेटी किसी भी प्रिंटिंग प्रेस की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई करेगी।
प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन शैलेंद्र तिवारी से कहा कि पोलिंग बूथ तक पहुंचने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। किसी तरह की असुविधा पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सदर, तरबगंज, मनकापुर और करनैलगंज एसडीएम से कहा कि सभी बूथों पर सभी समुचित सुविधाएं होनी चाहिए। जिन बूथों पर संकेतक नहीं लगे है, वहां लगाएं जाएं। स्पेशल बूथ बनाने, फार्म के डिस्पोजल, स्वीप कार्यक्रम आदि को लेकर निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश और सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार शर्मा मौजूद रहे।