ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 के बाद जिले में 1253 करोड़ रुपये के 24 नए एमओयू (समझौता ज्ञापन) से हाउसिंग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, नई इकाइयों के स्थापित होने से रोजगार के द्वार खुलेंगे। हाउसिंग के साथ ही पर्यटन क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश आए हैं। फरवरी में भूमि पूजन के बाद 54 इकाइयों में उत्पादन का काम शुरू भी हो गया है।
गत 19 फरवरी 2024 को एक साथ प्रदेशभर में आने वाले निवेश के लिए भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले में 78 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया गया। उद्यमी मित्र संदीप द्विवेदी ने बताया कि अब तक कुल 54 इकाइयों से उत्पादन शुरू किया जा चुका है। बाकी अन्य इकाइयों को जल्द शुरू कराने के लिए एनओसी समेत जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
देवीपाटन मंडल का गोंडा जिला अयोध्या के समीप होने के कारण सबसे अधिक हाउसिंग और पर्यटन क्षेत्र में निवेश प्रस्ताव आए हैं। जबकि जीबीसी (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) 4.0 के बाद पर्यटन, दुग्ध विकास समेत अलग-अलग विभागों के साथ अब तक कुल 24 नए एमओयू साइन किए गए हैं। इससे जिले में हाउसिंग, टूरिज्म, हार्टीकल्चर, एमएसएमई और एक्सपोर्ट समेत अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा। एमओयू के तहत जिले में 1253.6 करोड़ रुपये का नए निवेश का रास्ता साफ हो गया है। इससे करीब 1454 रोजगार का सृजन होगा। पिछले दिनों जिला उद्योग बंधु की बैठकों में उद्यमियों ने इकाइयों की स्थापना के लिए रोड, विद्युत आपूर्ति को लेकर होने वाली असुविधाओं को दूर करने का मुद्दा उठाया था।
अधिकारियों के मुताबिक नए निवेश में गोंडा सबसे अव्वल रहा है। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में कुल मिलाकर 34 नए एमओयू हुए। इसमें से सबसे अधिक गोंडा में 24 निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसी तरह से बहराइच में पांच, श्रावस्ती में चार, और बलरामपुर में एक एमओयू साइन किया गया है। अब तक कुल मिलाकर देवीपाटन मंडल में 682 एमओयू पर साइन किए जा चुके हैं। इसके तहत 11,171.96 करोड़ रुपये निवेश के साथ ही 1,12,811 रोजगार सृजित किया गया है।
उद्योग उपायुक्त बाबू राम ने बताया कि उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों की समस्याएं आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभागों से समन्वय बनाकर समस्या का समाधान कराया जा रहा है। नए निवेश से जिले में औद्योगिक गतिविधियां के साथ रोजगार से रास्ते भी खुलेंगे।