कोलंबिया में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों संग विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह। - स्रोत: स
कोलंबिया के कैली शहर में संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता शिखर सम्मेलन कॉप-16 में विदेश राज्यमंत्री ने दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। कोलंबिया के कैली शहर में संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता शिखर सम्मेलन कॉप-16 में गोंडा सांसद व विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या ने भारत के योगदान का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने भारत में जैव विविधता के संरक्षण व संवर्धन के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम से दुनिया को अवगत कराया।
अमर उजाला ने बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, जैव विविधता लक्ष्यों को अर्जित करने की राह पर अग्रसर है। वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों से जैव विविधता भारत की धरोहर रही है। इसका संरक्षण और संवर्धन हमेशा ही लोकाचार और सभ्यता का अभिन्न हिस्सा रहा है। बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू किया गया राष्ट्रव्यापी पौधारोपण अभियान ''एक पेड़ मां के नाम'' जनांदोलन बन गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ शांति प्राचीन वैदिक युग से ही भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा रही है। यह थीम भारत के मिशन ''पर्यावरण के लिए जीवन शैली से मेल खाती है, जो पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाने के लिए भारत के नेतृत्व वाला वैश्विक जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) की स्थापना करके वैश्विक वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसका उद्देश्य दुनिया की सात प्रमुख बड़ी बिल्लियों की प्रजातियों की रक्षा करना है। नमामि गंगे मिशन के माध्यम से पवित्र नदी गंगा को पुनर्जीवित करने में भारत के प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा नदी पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए शीर्ष 10 विश्व बहाली फ्लैगशिप में से एक के रूप में मान्यता दी गई है, जिसके बारे में जानकारी दी। 2014 के बाद से भारत की रामसर साइटें 26 से बढ़कर 85 हो गई हैं और यह संख्या जल्द ही 100 तक पहुंचने वाली है। कैली प्रवास के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री सिंह ने वेले विश्वविद्यालय में एक पेड़ मां के नाम अभियान के दौरान पौधारोपण भी किया।