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Gonda News: किसानों का बढ़ा रुझान, लक्ष्य में 3.5 हजार हेक्टेयर इजाफा

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गोंडा। जिले की प्रमुख नकदी फसल गन्ने को लेकर इस बार किसानों में खासा उत्साह है। वर्तमान पेराई सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर 30 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य वृद्धि किए जाने के बाद किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इसी के चलते इस वर्ष बसंतकालीन गन्ना बोआई का लक्ष्य बढ़ाकर 52,875 हेक्टेयर कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 49 हजार हेक्टेयर था।
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शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत बोआई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को किसानों के खेतों तक पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाने और वैज्ञानिक विधि से बोआई कराने पर विशेष बल देने को कहा।



जिले में गन्ने की खरीद कुंदुरुखी चीनी मिल, मनकापुर चीनी मिल और मैजापुर चीनी मिल के साथ ही पड़ोसी जिलों की बलरामपुर चीनी मिल, बभनान चीनी मिल, मोतीगंज चीनी मिल, रौजागांव चीनी मिल तथा जरवल चीनी मिल के माध्यम से की जाती है, जिससे किसानों को विपणन की बेहतर सुविधा मिल रही है। वहीं मैजापुर के कैथोला में जाकर जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को जागरूक किया।
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बसंतकालीन गन्ना बोआई के लिए जरूरी निर्देश

-पहली जोताई मिट्टी पलटने वाले हल से करें।

- 2–3 बार हैरो या कल्टीवेटर चलाकर भुरभुरी मिट्टी तैयार करें।
-प्रति हेक्टेयर 20–25 टन सड़ी गोबर की खाद मिलाएं।

-विभाग की ओर से प्रमाणित उच्च उपज व रोगरोधी किस्में ही लगाएं।
-गन्ना बोआई के लिए 20–25 सेमी गहरी और 75–90 सेमी चौड़ी नालियां बनाएं।

-कतार से कतार दूरी 4–5 फीट रखें।
-बोआई से पहले बीज को फफूंदनाशक घोल में उपचारित करें।

-बोआई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें।
-नाइट्रोजन, फाॅस्फोरस व पोटाश संतुलित मात्रा में दें।
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