परसपुर से धर्मनगर जाने वाली गड्ढायुक्त सड़क पर भरा पानी। - संवाद
गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है, लेकिन यहां विभाग की मनमानी चल रही है। गड्ढों में ईंट व राबिश डालकर खानापूर्ति की जा रही है। जिससे लोगों की समस्या और बढ़ गई है। ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर बाइक व साइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार बजट न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
परसपुर ब्लॉक मुख्यालय से डेहरास-कटहाघाट मार्ग को जोड़ने वाली लगभग 9 किलोमीटर लंबी सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। यह मार्ग प्योली, मलांव, मधईपुर खांडेराय, अंदुपुर, नरदा, कटैला, सुसुंडा आदि ग्राम पंचायतों के बिलंद पुरवा, कृपा पुरवा, पांडेय पुरवा, गलिबहा, मुसौली, निहाल पुरवा, नीरपुर सहित लगभग तीस से अधिक गावों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ता है। इससे करीब 20 हजार आबादी आवागमन करती है।
विनोद कुमार सिंह, आशुतोष सिंह, अजय पांडेय, राजू सिंह, सुखदेव कुमार, कन्हैया आदि ने बताया कि इस मार्ग से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थी साइकिल सहित विभिन्न साधनों से पढ़ने जाते हैं। वहीं ब्लॉक मुख्यालय, थाना, अस्पताल सहित अन्य जगहों पर हजारों लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता है। जर्जर सड़क की वजह से अक्सर राहगीर गड्ढों में गिरकर चोटिल होते हैं। जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों तक को प्रार्थनापत्र दिया लेकिन स्थिति ज्यो की त्यों बनी है। उनका कहना है कि लोक निर्माण विभाग मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है। गड्ढों में ईंट डाली जा रही हैं। रोलर न चलाए जाने से ईंटें और भी खतरनाक साबित हो रही हैं। पीडब्ल्यूडी खंड दो के अधिशासी अभियंता वीके त्रिपाठी का कहना है कि गड्ढों को भराने का कार्य चल रहा है। तात्कालिक व्यवस्था के तहत कार्य कराया जा रहा है। शासन से बजट की मांग की गई है।