जिले में एक लाख आठ हजार बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। यह चिंता का विषय है। 96 हजार कुपोषित और 12 हजार अति कुपोषित बच्चों को पूर्ण स्वस्थ रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ग्राउंड लेबल पर कुपोषण को खत्म करने की विशेष कवायद शुरू कर दी गई है।
चाइल्ड डेथ रोकने के लिए डायरिया पर अंकुश पाना होगा। जिले में कुपोषण खत्म करने के लिए 27 जुलाई से आठ अगस्त तक दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलाया जाएगा। ये बातें जंतु उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति बलरामपुर द्वारा आयोजित जिला स्तरीय अनुस्थापना कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहीं।
जंतु उद्यान राज्यमंत्री ने दीप जलाकर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में सीडीओ रामाश्रय ने कहा कि कुपोषण खत्म करने के लिए जिले के सभी चयनित लोहिया ग्राम पंचायतों और आयुक्त, डीएम व सीडीओ के द्वारा गोद लिए गए ग्राम पंचायतों तथा अन्य सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत प्रसाधन घरों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी डीडीओ शिवकुमार सिंह, पीडी वीरेन्द्र कुमार यादव, डीपीआरओ उपेन्द्र राज सिंह और परियोजना अर्थशास्त्री बीके श्रीवास्तव को सौंपी गई है।
स्कूलों में बच्चों के अंदर साबुन से हैंडवाश की प्रवृत्ति डेवलप करने के लिए डीआईओएस मनमोहन शर्मा और बीएसए जय सिंह शिक्षकों को निरंतर दिशा-निर्देश जारी करते रहें। डीपीओ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से बच्चों, 11 से 18 वर्ष आयु तक की किशोरियों, धात्री व गर्भवती महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करें।
सीएमओ डॉ. यूके वर्मा, अपर सीएमओ डॉ. जयंत कुमार व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंहल ने मुख्य अतिथि जंतु उद्यान राज्यमंत्री का स्वगात करते हुए कहा कि शिशु मृत्यु दर को रोकना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का प्रमुख लक्ष्य है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार पांच वर्ष के कम आयु के बच्चों में 11 प्रतिशत मृत्यु दस्त के कारण होती है।
दस्त पर नियंत्रण पाने के लिए 27 जुलाई से 8 अगस्त तक चलने वाले सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के तहत आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम निर्धारित कर दिए गए हैं। इन तिथियों में जिला एवं ब्लाक स्तर पर चिकित्साधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, सीडीपीओ, बीसीपीएम, आयुष चिकित्साधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी।
इस दौरान सभी लोग संतुलित आहार, पोषाहार का प्रयोग, टीकाकरण की जरूरत व माताओं को स्तन पान कराने के प्रति जानकारी देंगे। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम समन्वयक एनआरएचएम शिवेन्द्र मणि तिवारी, जिला कम्युनिटी प्रोसेस के प्रबंधक मो. नाजिम, रामशंकर व प्रभारी डीपीओ दयाराम सहित तमाम अधिकारीगण मौजूद रहे।