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प्रभारी चिकित्साधिकारियों से जवाब तलब

Mon, 22 Jun 2015 11:05 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव एवं ओपीडी में माह अप्रैल एवं मई में आई कमी पर जिलाधिकारी काफी नाराज दिखे। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारियों से जवाब तलब किया है।
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डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एनआरएचएम की समीक्षा करने के दौरान कहा कि मरीजों को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी स्वास्थ्य सेवाएं हर हाल में मुहैया कराई जाएं। इसमें किसी भी स्तर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  ओपीडी की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि पीएचसी तरबगंज, काजीदेवर तथा रूपईडीह में वाह्य रोगियों की संख्या में काफी कमी आई है।

इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ को निर्देश दिए कि संबंधित एमओआईसी से जवाब तलब कर उन्हें रिपोर्ट दें। उन्होंने परसपुर व मसकनवां में ओपीडी में बेहतर कार्य की सराहना की। इसके अलावा टीकाकरण की समीक्षा के दौरान वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 15 हजार लक्ष्य के सापेक्ष मात्र पांच हजार टीकाकरण ही पाया गया जिसमें परसपुर मसकनवां व रूपईडीह की स्थिति खराब पाई गई।
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इस प्रकरण पर जिलाधिकारी ने ड्यूलिस्ट तलब किया जिसे कोई भी एमओआईसी नहीं उपलब्ध करा पाया। इस पर डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दंडित करने की चेतावनी दी। मरीजों के पंजीकरण की भी स्थिति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने सुधार लाने की नसीहत दी है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के रिपोर्ट कार्ड को देखकर लग रहा है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी राज्य पोषण मिशन एवं विलेज हेल्थ न्यूट्रिशन डे के प्लान के तहत काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आशा व एएनएम को सौपें गए दायित्वों की सभी एमओआईसी समीक्षा करें तथा जानबूझकर लापरवाही बरतने वाली आशा बहुओं एवं एएनएम को चिह्नित कर उनकी सेवा समाप्त की जाय।

जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव की संख्या बेहद कम पाये जाने पर उन्होंने तत्काल आशावार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। संस्थागत प्रसव में सुधार न होने पर उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार आशा बहुओं एवं एएनएम को चिह्नित कर रिपोर्ट उन्हें एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं।

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की जांच में एक-दो पीएचसी को छोड़कर जनपद के शेष सभी पीएचसी पर एनीमिक महिलाओं की संख्या शून्य मिलने पर जिलाधिकारी ने हैरानी जताते सीएमओ से जवाब तलब किया। महिलाओं की नसबंदी में भी जनपद के सभी पीएचसी व सीएचसी की स्थिति खराब पाई गई।

इस दौरान सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार राव, एसीएमओ डॉ. राकेश अग्रवाल सहित प्रभारी चिकित्साधिकारीगण, बेसिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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