गोंडा। ट्रेन में सफर के दौरान आरपीएफ के सिपाही से लूट और चाकू से हमला कर घातक चोट पहुंचाने के मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। दोषी अभियुक्त को पांच साल के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विनय कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल के आरक्षी रामेंद्र सिंह ने गोंडा जीआरपी कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि वह सरकारी डाक लेकर बलरामपुर से बढ़नी गया था। 21 नवंबर 2019 को डेमू पैसेंजर ट्रेन से गोंडा लौट रहा था। रात करीब एक बजे जब ट्रेन पचपेड़वा स्टेशन पहुंची तो एक व्यक्ति उसके कोच में सवार हुआ। लक्ष्मनपुर हाल्ट से ट्रेन आगे बढ़ी तो वह उसके पास आया और गले से सोने की चेन को छीनने के लिए झपट्टा मारा। विरोध करने पर उसने चाकू से नाक पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। इस बीच उसने हमलावर को पकड़ लिया। जीआरपी ने केस दर्ज कर आरोपी बदरुद्दीन उर्फ बाबा उर्फ नानबाबू निवासी ग्राम सेहरनसा, थाना तुलसीपुर, बलरामपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के दौरान लूट, जान से मारने की धमकी व चाकू से जानलेवा हमले के साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
ट्रायल के दौरान न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध किया। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पूजा सिंह ने दोषी बदरुद्दीन को पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की आधी रकम वादी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।