देवी प्रतिमाओं का गुरुवार व शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन किया गया। शुक्रवार देर रात तक हुए विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। नौ दिन तक चली पूजा आराधना के बाद गोंडा, मनकापुर व तरबगंज तहसील क्षेत्र में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन विभिन्न तालाबों, पोखरों व नदियों में किया गया।
गोंडा नगर की प्रतिमाओं का विसर्जन सगरा ताल, खैैरा भवानी मंदिर के पोखरे में किया गया। कई प्रतिमाओं को सरयू करनैलगंज व अयोध्या में विसर्जित किया गया।
बालपुर में देवी प्रतिमाएं टेढ़ी नदी में विसर्जित की गई। यहां एक युवक की विसर्जन के दौरान डूब कर मौत हो गई। मसकनवां व मनकापुर क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन मनवर व बिसुही नदी में किया गया।
करनैलगंज तहसील क्षेत्र के कौड़िया बाजार, कटरा बाजार, दुबहा बाजार सहित अन्य क्षेत्रों की प्रतिमाओं का विसर्जन करनैलगंज स्थित सरयू में शुक्रवार को किया गया।
दोपहर 12 बजे से रात दो बजे तक प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा। करनैलगंज में संतोषी माता मंदिर पर प्रतिमाओं की आरती उतारी गई। इसके बाद जुलूस सरयू की तरफ कूच कर गया।
वहां भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जुलूस विसर्जन के लिए डीएम अजय उपाध्याय, एसपी अनिल कुमार सिंह के साथ एसडीएम, सीओ समेत कई अधिकारी व पुलिस बल तैनात था।