गोंडा। न्यायालय के समक्ष सभी को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। कोई व्यक्ति किसी मामले में आरोपी है और वह न्यायालय में पैरवी करने के लिए अधिवक्ता रखने में अक्षम है तो विधिक सेवा प्राधिकरण उसे निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराता है। सामान्य नागरिकों की तरह बंदियों के भी अपने मूलभूत अधिकार हैं, जिससे उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता। ये बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अधिवक्ता परिषद के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को मंडलीय कारागार में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में अपर जिला जज व विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश हसनैन ने कहीं। अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत की महामंत्री मीनाक्षी सिंह परिहार ने कहा, सभी तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अधिवक्ता परिषद संकल्पित है। प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि यदि किसी को भी कोई भी विधिक जानकारी या सहायता चाहिए तो वो अधिवक्ता परिषद या विधिक सेवा प्राधिकरण से मदद ले सकता है। चीफ डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार सिंह, डिप्टी जेलर सुरेश सिंह व असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल बृजलाल तिवारी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर धनलाल तिवारी, जयप्रकाश सिंह, डिप्टी जेलर शैलेंद्र वर्मा, रंजना शुक्ला, अनिमेष चतुर्वेदी, प्रभात श्रीवास्तव, आदित्य द्विवेदी उपस्थित रहे।