गोंडा। स्वास्थ्य विभाग में फैली अव्यवस्थाओं व भ्रष्टाचार को लेकर विधायकों ने नाराजगी जताई थी। अब डॉक्टरों पर सख्ती की तैयारी की है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने व सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा प्राइवेट प्रैक्टिस के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगी। सीएमओ ने बताया कि निजी नर्सिंगहोम में निरीक्षण का खाका तैयार किया गया है। इसमें यदि मेडिकल कॉलेज का कोई डॉक्टर पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉक्टरों की ओर से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथपत्र दिया गया है, इसके बावजूद भी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अधिकांश डॉक्टर अस्पताल में बायोमीट्रिक हाजिरी लगाकर अपने निजी नर्सिंगहोम पर इलाज करते हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में ओपीडी से लेकर ओटी तक डॉक्टरों के दलाल सक्रिय रहते हैं, जो मरीजों को सरकारी सेवाओं का डर दिखाकर प्राइवेट नर्सिंगहोम में ले जाते हैं। बाहर की जांच व दवाएं भी इन्हीं के माध्यम से खरीदवाई जाती है।
क्षेत्र की जनता से लगातार शिकायतें मिलने पर बृहस्पतिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में विधायकों ने स्वास्थ्य विभाग पर नाराजगी जताई थी। मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी, गौरा विधायक प्रभात कुमार वर्मा, तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय व करनैलगंज विधायक अजय सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर सीएमओ व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को घेरा था। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन व सीएमओ की ओर से संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई है।