जिला पंचायत सभागार में कार्यशाला का शुभारंभ करतीं सीडीओ अंकिता जैन। स्रोत: सूचना विभाग
गोंडा। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 137 विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब को एआई लैब में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे बच्चे तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ उठा सकें। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को भी समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि 8 मार्च 2026 तक जनपद के 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में एआई लैब अनिवार्य रूप से संचालित की जाएं। साथ ही एआई को लेकर जानकारी दी।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग की कार्ययोजना के तहत जनपद के 137 विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब को एआई लैब में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे बच्चे तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ उठा सकें। आईआईटी कानपुर से प्रशिक्षित शिक्षकों की टीम को चार भागों में विभाजित कर तहसील स्तरीय मास्टर ट्रेनर नामित किया गया है। ये टीम विद्यालयों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी।
लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के गणित विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार पाण्डेय, उच्च प्राथमिक विद्यालय मोकलपुर को गोद लेकर तकनीकी शिक्षा दे रहे श्याम सुंदर तिवारी, तथा आईआईटी कानपुर से प्रशिक्षित कंपोजिट स्कूल पथवलिया की वंदना मिश्रा, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिंगहाचंदा के सहायक अध्यापक सर्वदेव शुक्ला, घारीघाट के सहायक अध्यापक अजमत अली, कंपोजिट स्कूल महेवा गोपाल के भोला प्रसाद यादव आदि ने प्रारंभिक शिक्षा में एआई की प्रासंगिकता और उपयोगिता पर व्याख्यान दिया।
कार्यशाला में जनपद के 64 उच्च प्राथमिक/कंपोजिट विद्यालय, 25 पीएमश्री विद्यालय और 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।