विधान सभा चुनाव के निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान कराए जाने का बड़ा भार कर्मचारियों पर भी है। ऐसे में तमाम कर्मचारी इस तरह की जिम्मेदारी उठाने से भागने का रास्ता तलाशने लगे हैं। चुनाव कार्यकर्मो से ड्यूटी कटाने के लिए कर्मचारी तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
मतदान कार्मिक प्रभारियों व राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के पास रोजाना एक दर्जन आवेदन नाम काटने को लेकर आ रहे हैं। विभाग ने चुनाव के लिए 26 हजार कर्मचारियों का डाटा अपलोड किया है।
विभाग को रोजाना ड्यूटी कटवाने को लेकर खुद कर्मचारियों के मिलने व दूसरे लोगों से सिफारिश कराने का सिलसिला शुरू है। विभाग में अब तक तमाम कर्मचारियों की ड्यूटी काटी जा चुकी है। चुनाव को लेकर ड्यूटी काटने व नाम जोड़ने का भी खेल चल रहा है।
विभाग के अभी तक कितने लोगों के वास्तव में ड्यूटी कटाने के आवेदन आये इसका पता नही है। कितने लोगो की अब तक ड्यूटी काटी जा चुकी है विभाग इसकी भी जानकारी दे पाने की स्थिति में नही है।
कुछ कर्मचारियों की माने तो विभाग में सब कुछ ठीक नही चल रहा है। विभाग कर्मचारियों की ड्यूटी फाइनल कर उनका रेंडमाइजेशन तक नही करा पाया है जबकि पहले से बताया जा रहा था कि सोमवार को कर्मचारियों का रेंडमाइजेशन कर दिया जाएगा।