गोंडा। कोतवाली के दहेज हत्या के मामले में शनिवार को न्यायालय ने दोषी पति को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अमित कुमार पाठक ने बताया कि गिरीश कुमार उर्फ पुल्लू गोस्वामी निवासी ग्राम चतरुपुर नकार ने कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि पांच साल पहले उसके बेटी नीतू की शादी गांव के ही कुलदीप गोस्वामी से हुई थी। दहेज में बाइक व सोने की चेन की मांग को लेकर पति कुलदीप गोस्वामी, सास सताना देवी, ससुर सत्यप्रकाश व रामरंग ने 15 अगस्त 2019 की शाम नीतू की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और दहेज हत्या के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर चारों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान आरोपी रामरंग की मृत्यु हो गई।
ट्रायल के दौरान पुख्ता साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी कुलदीप गोस्वामी को दोषसिद्ध किया। जबकि संदेह से परे साक्ष्य के अभाव में सास सताना देवी व ससुर सत्यप्रकाश को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। शनिवार को निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-3 राजेश कुमार-तृतीय ने कुलदीप गोस्वामी को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।