गोंडा। पत्नी को भरण पोषण की बकाया धनराशि न देने पर अदालत ने पति को एक माह के लिए जेल भेज दिया है। मनकापुर के ग्राम पटीठ मझरेती निवासी नीलम ने पति पाटनदीन के विरुद्ध में परिवार न्यायालय में केस दायर कर भरण-पोषण के लिए धनराशि दिलाने की याचना की। सुनवाई के बाद न्यायालय ने 26 जून 2020 को निर्णय सुनाया और पति पाटनदीन को पत्नी के भरण पोषण के लिए हर महीने पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया। इसके बावजूद पाटनदीन ने पत्नी को भरण पोषण की रकम अदा नहीं की। 26 अगस्त 2021 तक उस पर 60 हजार रुपये बकाया हो गया। नीलम के प्रार्थनापत्र पर न्यायालय ने बकाया धनराशि की वसूली के लिए वारंट जारी किया। इस पर मनकापुर पुलिस ने पाटनदीन को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। लेकिन वह भरण-पोषण की बकाया धनराशि अदा करने में असफल रहा। इस पर अपर प्रधान न्यायाधीश-प्रथम (परिवार न्यायालय) हरेंद्र कुमार ओझा ने पाटनदीन को एक माह के लिए जेल भेज दिया। अदालत ने जेल अधीक्षक को आदेश देते हुए कहा है कि पाटनदीन बकाया धनराशि 60 हजार रुपये अदा करता है तो उसे अविलंब रिहा कर दिया जाए।