मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में महिलाओं से बात करतीं कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल। स्रोत: सूचना
गोंडा। “मैडम, पति की सड़क हादसे में मौत हो गई। छह बच्चों की जिम्मेदारी है। आंखें खराब होने से मजदूरी भी नहीं कर पा रही हूं।” आर्थिक तंगी से जूझ रहीं नरायनपुर वली की आजुल कुमारी ने सोमवार को मंडलीय कार्यालय में आयोजित शक्ति संवाद में मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल को अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने बताया कि पति की मौत के बाद मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता के लिए किया गया आवेदन भी निरस्त हो गया है। मंडलायुक्त ने मामले में पांच दिन में आख्या तलब की है।
आजुल कुमारी के अनुसार, उनके पति महादेव की जून 2023 को तरबगंज क्षेत्र में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। महिला ने बताया कि पोस्टमार्टम और पंचनामा रिपोर्ट की प्रतियां मई 2025 में काफी प्रयास के बाद मिल सकीं। इसके बाद योजना के तहत सहायता के लिए आवेदन किया, लेकिन वह निरस्त हो गया। महिला ने देरी की परिस्थितियों को देखते हुए आवेदन पर पुनर्विचार कर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
बेलसर के डिक्सिर निवासी रेनू सिंह ने आंगनबाड़ी सहायिका नियुक्ति में आय प्रमाणपत्र और लेखपाल की रिपोर्ट में अंतर का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। बलरामपुर की कामिनी ने रास्ते में दीवार खड़ी कर आवागमन रोकने और शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं होने की बात कही। श्रावस्ती की रानी और लक्ष्मी देवी ने धान की फसल बचाने के विवाद में पुलिस पर पक्षपात के आरोप लगाए। मंडलायुक्त ने इन मामलों में जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर अपर आयुक्त मीनू राणा, राजेश यादव आदि मौजूद रहे।