गोंडा। तरबगंज थाना क्षेत्र में मारपीट व दहेज उत्पीड़न के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। दोषी पति को दो साल कारावास व 12 हजार रुपये अर्थदंड और तीन अन्य आरोपियों को छह माह के कारावास की सजा से दंडित किया गया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ओमप्रकाश शुक्ल ने बताया कि सरजू प्रसाद विश्वकर्मा ने नौ जुलाई 2020 को थाना तरबगंज में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि उसने अपने बेटी लक्ष्मी देवी की शादी तरबगंज के ग्राम राधापुरवा रानीपुर काछी निवासी विजय बिहारी विश्वकर्मा से की थी। गौना के बाद पति विजय बिहारी विश्वकर्मा, सास राजदेई, देवर किशुन बिहारी व देवरानी शिव देवी दहेज के लिए लक्ष्मी को प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर सभी ने मिलकर लक्ष्मी को पीटा, जिससे वह बेहोश हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और दहेज उत्पीड़न व गैर इरादतन जानलेवा हमला व मारपीट के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी पति, सास, देवर व देवरानी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
ट्रायल के दौरान अदालत ने सभी आरोपियों को दोषसिद्ध किया। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश नवम सर्वजीत कुमार सिंह ने पति विजय बिहारी विश्वकर्मा को दो साल साधारण कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड तथा सास राजदेई, देवर किशुन बिहारी व देवरानी शिवदेवी को छह माह के साधारण कारावास से दंडित किया है। अर्थदंड की आधी रकम पीड़िता लक्ष्मी देवी प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।