गोंडा। दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। दोषी पति को तीन साल कैद तथा सास, ससुर और ननद को कोर्ट ने छह माह के कारावास की सजा सुनाई है।
इटियाथोक निवासी कृष्णकुमार उपाध्याय ने डीआईजी को प्रार्थनापत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की याचना की। बताया कि उन्होंने अपनी बेटी रेनू की शादी क्षेत्र के ग्राम निबिहा परसापुर निवासी राजेश्वरी प्रसाद तिवारी के बेटे संतोष कुमार तिवारी के साथ वर्ष 2000 में की थी। शादी के बाद से ही पति, ससुर, सास कौशल्या देवी और ननद मीनू देवी दहेज में पांच लाख रुपये नकद व एक बीघा जमीन की मांग को लेकर रेनू को पीटते व प्रताड़ित करते थे। 15 मार्च 2016 को कमरे में बंद कर सभी ने उसे लाठी-डंडे से मारा और कपड़े-जेवर छीनकर भगा दिया। डीआईजी के आदेश पर पांच अप्रैल 2016 को इटियाथोक थाने में केस दर्ज हुआ था। विवेचना में साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया। मंगलवार को निर्णय सुनाते हुए सिविल जज (जूनियर डिवीजन एफटीसी द्वितीय) योगेंद्र प्रताप सिंह ने दोषी पति संतोष कुमार तिवारी को तीन साल कारावास और 12 हजार रुपये तथा सास कौशल्या देवी, ससुर राजेश्वरी प्रसाद तिवारी व ननद मीनू देवी को छह माह कारावास और साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।