गोंडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने व विवाहिता की हत्या के मामले में सोमवार को फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दोषी पति को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बहराइच के विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बनजरिया रहने वाले रक्षाराम गोसाईं ने 25 मई 2020 को कटरा बाजार थाने में केस दर्ज कराया था। कहा था कि उनकी बेटी रिंकी की शादी ग्राम बहादुरपुरवा मौजा डुढ़ई निवासी सुभाष गोस्वामी के साथ हुई थी। शादी के बाद पति सुभाष गोस्वामी, ससुर रमेश गोस्वामी, जेठ श्यामू उर्फ छोटकऊ और जेठानी ध्यानवती दहेज में कार की मांग को लेकर रिंकी को प्रताड़ित करते थे। इसी बात को लेकर 25 मई 2020 की सुबह पांच बजे रिंकी की हत्या कर दी गई।
पुलिस ने विवेचना में साक्ष्य मिलने पर अभियुक्त सुभाष गोस्वामी व रमेश गोस्वामी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान वादी व अन्य गवाहों के साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने एक अक्तूबर 2022 को आरोपी श्यामू और ध्यानवती को भी विचारण के लिए तलब कर लिया।
ट्रायल में अभियोजन की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अभियुक्त सुभाष गोस्वामी को दोषी ठहराया। साक्ष्य के अभाव में रमेश गोस्वामी, श्यामू व ध्यानवती को दोषमुक्त कर दियाा। सोमवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार ने दोषी अभियुक्त सुभाष गोस्वामी को दंडित किया।