गोंडा। दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न व हत्या के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसमें दोषी पति व सास को 10-10 साल कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) घनश्याम पांडेय ने बताया कि वादी आनंद स्वरूप वर्मा निवासी ग्राम देवरहना थाना खरगूपुर ने 10 फरवरी 2017 को इटियाथोक थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि उसने अपनी बेटी साधना का विवाह इटियाथोक के ग्राम बरडीहा पूरे मुसद्दिकपुरवा निवासी शिवप्रकाश से किया था।
छह फरवरी 2017 को बेटी ने फोन कर बताया कि पति शिव प्रकाश, ससुर बिंदेश्वरी प्रसाद वर्मा, सास प्रेमावती, जेठ जियावन वर्मा, जेठानी, सत्यप्रकाश वर्मा व उनकी पत्नी दहेज में एक लाख रुपये मांग रहे हैं और कह रहे हैं कि नहीं देने पर जान से मार डालेंगे। अगले दिन सात फरवरी को सुबह सूचना मिली कि बेटी साधना की मृत्यु हो गई है।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और दहेज प्रताड़ना व हत्या के साक्ष्य मिलने पर आरोपी पति शिवप्रकाश व सास प्रेमावती के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डाॅ. अनामिका चौहान ने पति शिव प्रकाश व सास प्रेमावती को 10-10 साल कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।