गोंडा। विकासखंड इटियाथोक के हरदुईया गांव के पास स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाए जाने की शिकायत पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने 40 मजदूरों के बयान दर्ज किए तो शिकायत झूठी निकली।
टीम ने सभी मजदूरों को परिवार समेत उनके घर भेज दिया। नायब तहसीलदार सदर ने श्रम प्रवर्तन निरीक्षक को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नायब तहसीलदार अनुराग पांडेय एवं श्रम प्रवर्तन निरीक्षक योगेश कुमार दीक्षित ने बताया कि शिकायत मिली थी कि विकासखंड इटियाथोक क्षेत्र के हरदुईया गांव के समीप स्थित दस मजदूरों को परिवार समेत बंधक बनाकर रखा गया है। मौके पर पहुंचे और मजदूरों से बात की तो उनकी संख्या 40 थी।
श्रम प्रवर्तन निरीक्षक के मुताबिक, मजदूरों ने बताया कि वह सभी बदायूं जिले के थाना बिल्सी नाई पिंडारी गांव के रहने वाले हैं। 17 फरवरी को ठेकेदार यहां लाया था। ठेकेदार ने बताया था कि 600 रुपये प्रति हजार ईंट की पथाई दिलाएगा। यहां पहुंचने पर वह सभी ईंट भट्ठे पर साफ सफाई ही किए थे।
ईंट की पथाई भी नहीं की। मजदूरों ने बताया कि वह सभी घर जाना चाहते हैं, इसलिए ईंट भट्ठा मालिक राम प्रभाव गोस्वामी उर्फ लल्ला भईया से तीन हजार रुपये व रेल टिकट दिलवाकर बदायूं भेज दिया गया।
उधर, ईंट भट्ठा मालिक राम प्रभाव गोस्वामी उर्फ लल्ला भईया का कहना है कि 15 फरवरी को ठेकेदार ने मजदूरों को भेजने के लिए उनसे गाड़ी मांगी थी।
सीतापुर गाड़ी भेजकर मजदूरों को बुलवाया गया था। उन्हें भाड़ा, भोजन, रेल टिकट समेत रहने खाने को मिलाकर 35 हजार रुपये भी खर्च किए।
बताया कि ठेकेदार दो लाख रुपये एडवांस मांग रहा था। नहीं देने पर उसने शिकायत दर्ज कराई थी। बंधक बनाने की बात फर्जी थी। टीम ने जांच में भी आरोप फर्जी पाया है।