फोटो-19 गोंडा के जिला अस्पताल में भर्ती सफाईकर्मी। -संवाद
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गोंडा। जिला अस्पताल में कार्यरत सफाईकर्मी की शौचालय की सफाई करते समय हालत बिगड़ गई। उसे सांस लेने में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर मंगलवार की देर रात केजीएमयू ट्रामा सेंटर, लखनऊ रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत सफाईकर्मी रामू सोमवार शाम अस्पताल में पानी की टंकी व शौचालय की सफाई कर रहा था। अचानक उसके सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सफाईकर्मी ने सेवा प्रदाता कंपनी पर आरोप लगाया है कि उससे जबरन तेजाब से सफाई कराई जा रही है, जिसका झाग मुंह में चले जाने से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालत खराब होने पर रामू को जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया।
देर रात हालत गंभीर होने से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। साथी सफाई कर्मियों ने बताया कि सुपरवाइजर राकेश सिंह से कई बार टॉयलेट क्लीनर व अन्य सुरक्षा यंत्र की मांग की गई, लेकिन नौकरी से निकालने की धमकी देते हुए नजरंदाज कर दिया गया। दूसरी ओर सेवा प्रदाता कंपनी के सुपरवाइजर ने कहा कि तेजाब से सफाई नहीं कराई जा रही थी। आरोप निराधार है।
पहले भी आ चुका मामला, नहीं हुई कोई कार्रवाई
सफाई कर्मचारी नेता राजू वाल्मीकि ने बताया कि कई माह में भी एक सफाई कर्मी की तेजाब से सफाई करते समय हालत बिगड़ी थी। मामले में सुपरवाइजर व अन्य लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को नगर कोतवाली में सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक कार्य करवाने को लेकर तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने कहा कि मामले में कार्रवाई की जाएगी।