फोटो-10 गोंडा के सोनौली मोहम्मदपुर पीएचसी पर मरीजों को दवा वितरित करता फार्मासिस्ट। -संवाद
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गोंडा। ग्रामीण इलाकों में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बेहतर इलाज दिए जाने के लिए आयोजित जनआरोग्य मेला खानापूर्ति तक ही सीमित रह गया। रविवार को लगे अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो डॉक्टर मौजूद रहे न जांच के लिए लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी लगाई गई। फार्मासिस्ट ने मरीज देखकर मेले की औपचारिकता पूरी कर दी।
जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। अधिकांश स्थानों पर मरीजों व गर्भवतियों को जांच की सुविधा नहीं मिली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर के सोनौली मोहम्मदपुर पीएसची पर डॉक्टर समेत कई कर्मचारी नदारद रहे। गर्भवतियों के लिए प्रसवपूर्व देखभाल (एएनसी) की व्यवस्था नहीं रही। मेले में आए मरीजों की जांच करने के लिए लैब टेक्नीशियन नदारद रहे। स्थानीय निवासी विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि पीएचसी पर हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता लेकिन जांच के लिए 20 किलोमीटर दूर सीएचसी पर जाना पड़ता है।
फार्मासिस्ट राजेद्र पांडेय ने बताया कि लैब असिस्टेंट कामता प्रसाद शुक्ल आठ महीने से मुख्यालय पर संबद्ध हैं। मेले में आशा, एएनएम व सीएचओ अनुपस्थित रहती है। सीएचसी पर मरीजों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नाकाफी रही। मेले में आए मरीजों व डॉक्टरों को प्यास बुझाने के लिए दूर जाना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो माह से पर्याप्त बिजली न मिलने से पानी की टंकी खाली पड़ी है। स्वास्थ्य मेले में आए 47 मरीजों का आयुष चिकित्सक डॉ. आशुतोष गुप्ता ने इलाज करने की बात कही।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सतपाल सोनकर ने बताया कि एएनएम की ड्यूटी कोविड टीकाकरण में लगाई गई है। आशा और आंगबाड़ी कर्मियों को नोटिस भेजकर मेले में न जाने का कारण पूछा जाएगा। पीएचसी मसकनवा, बभनान,वीरपुर आदि में जांच के लिए कर्मचारी अनुपस्थित रहे। वहीं इटियाथोक, खरगूपुर, मुजेहना सहित अन्य सीएचसी के अंर्तगत प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों पर अव्यवस्थाएं रहीं।
कम मरीज देख बिफरे अफसर
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए अधिकारियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। रविवर को सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा व डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल ने पीएचसी देवतहा तथा प्रसव केंद्र खरगूपुर का निरीक्षण कर मरीजों के कम संख्या में पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आशाओं के माध्यम से मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का प्रचार-प्रसार कराए जाने को कहा जिससे लोगों की उपस्थिति अधिक रहे।