फोटो-12 गोंडा में जिला अस्पताल में इमरजेंसी का निरीक्षण करते एडी स्वास्थ्य डॉ. अनिल मिश्र। -संवाद
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गोंडा। जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर निदेशक स्वास्थ्य ने डॉक्टरों व पैरामेडिकल कर्मियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यदि मरीजों की ओर से स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने या दुर्व्यवहार की शिकायत मिली तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडी ने सिटी स्कैन का कार्य संभाल रहे रेडियोलाजिस्ट की संबद्धता खत्म करने का आदेश दिया। साथ ही शासन के आदेश के बावजूद एक्स-रे टेक्नीशियन से सेवा लेने के मामले में रेडियोलॉजिस्ट को फटकार लगाई।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं न मिल पाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। समय से इलाज न मिलने से बुजुर्ग की मौत, एंबुलेंस न मिलने से गोदी में शव लिए जाने व इमरजेंसी के बाहर मरीजों को मददगार न मिलने की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित की गई। अमर उजाला में प्रकाशित खबर ‘इमरजेंसी के बाहर मरीजों को नहीं मिलते मददगार’ शीर्षक से प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए अपर निदेेशक डॉ. अनिल मिश्र ने शनिवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की हिदायत दी।
एडी ने निरीक्षण कर इमरजेंसी में 24 घंटे मरीजों की मदद के लिए कर्मचारी की तैनाती के लिए कहा। उन्होंने अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला को सख्त निर्देश दिया कि मरीज जिस भी डॉक्टर या कर्मचारी की शिकायत करें तत्काल जांच करवाकर संबधित पर कार्रवाई की जाए। क्षेत्रीय निदान केंद्र में एक्स-रे टेक्नीशियन की तैैनाती को लेकर चल रहे विवाद को समाप्त करा दिया। सिटी स्कैन का काम देख रहे एक्स-रे टेक्नीशियन अनिल श्रीवास्तव की संबद्धता खत्म करके उनके मूल नियुक्ति वाले स्थान महिला अस्पताल में सेवा देने को कहा।
एडी ने बताया कि रेडियोलॉजी विभाग में इस समय छह एक्स-रे टेक्नीशियन की तैनाती है। रेडियोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. पवन कुमार को फटकार लगाते हुए कहा कि शासन और प्रमुख अधीक्षक के निर्देश के बावजूद टेक्नीशियन से सेवा क्यों ली गई। एडी ने डीसीएम वाहन पलटने से घायल लोगों से मुलाकात कर मिल रहीं स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली।