गोंडा। मरीजों और तीमारदारों से जिला महिला अस्पताल में वसूली के प्रकरण को देखते हुए अब बिना मरीज आशाओं पर रोक लगा दी गई है। आशाओं को अस्पताल में प्रवेश करने के पहले साथ मरीजों का विवरण रजिस्टर में नोट कराना होगा। इसके बाद ही आशा कार्यकर्ता अस्पताल में रुक सकती हैं।
शुक्रवार की देररात अपर निदेशक डॉ. अनिल मिश्र के निरीक्षण में प्रसूताओं ने आशा के माध्यम से वसूली किए जाने की शिकायत की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए एडी ने सख्त निर्देश दिया कि बिना कारण आशाओं को अस्पताल में प्रवेश न दिया जाए। हेल्प डेस्क पर रजिस्टर में मरीजों का विवरण दर्ज करवाकर ही साथ आई आशाओं को प्रवेश दिया जाए।
बिना ड्रेस किसी भी आशा को अस्पताल में प्रवेश न दिया जाए। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह को निर्देश दिया गया कि आशाओं की निगरानी के लिए कम से कम तीन बार राउंड अवश्य करें। बिना कारण आशाओं को अस्पताल में घूमते पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।