गोंडा के जिला अस्पताल में कर्मचारी आवास। -संवाद
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गोंडा। जिला अस्पताल परिसर में बने नवनिर्मित कर्मचारी आवास में बिना आवंटन ही स्थानीय संविदाकर्मियों ने कब्जा कर लिया। इधर, दूसरे जनपद से स्थानांतरित होकर आए लिपिकों व स्वास्थ्यकर्मियों को आसरा ढूंढने के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रमुख अधीक्षक ने कहा कि कर्मचारियों को नोटिस भेजी गई है।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों के निवास के लिए 36 आवास का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम लिमटेड यूपीआरएनएनएल की ओर से बनाए जा रहे आवासों को हैंडओवर स्वास्थ्य विभाग को नहीं किया है। इधर, स्थानीय संविदा कर्मियों ने इन आवासों पर अपना कब्जा जमा लिया, जबकि गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए स्वास्थ्यकर्मियों को बाहर आवास तलाशना पड़ रहा है। शिकायत पर डीएम ने प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुुुबाला को जांच कर आवास खाली कराने का निर्देश दिया है।
प्रमुख अधीक्षक की ओर से कमेटी गठित कर जांच कराने पर कुछ कर्मचारी बिना आवंटन के ही अवैध रुप से निवास करते पाए गए। आठ अगस्त को प्रमुख अधीक्षक ने अवैध रुप से रह रहे कर्मचारियों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के भीतर आवास खाली कराने का निर्देश दिया, लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी आवास खाली नहीं किया गया। नोटिस प्राप्त करने वाले कर्मचारियों में अश्वनी कश्यप, प्रमोद कुमार शर्मा, रीता वर्मा, शालू सिंह, दीपक यादव, प्रभू दयाल आदि रहे।
प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि अवैध रुप से निवास कर रहे कर्मचारियों को नोटिस भेजी गई है। यदि आवास खाली नहीं किया गया तो पुलिसबल के सहयोग से खाली करवाया जाएगा। साथ ही संबधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई की जाएगी।